Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बलरामपुर में 13 नए धान खरीद केंद्रों को मंजूरी:अब कुल 37 केंद्रों पर होगी खरीद, किसानों को नजदीक मिलेगी उपज बेचने की सुविधा

    8 hours ago

    1

    0

    बलरामपुर में धान बेचने के लिए किसानों को अब दूर-दराज के केंद्रों तक दौड़ लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने जिले में 13 नए धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी है। पहले से स्वीकृत 24 केंद्रों को मिलाकर अब जिले में कुल 37 केंद्रों पर खरीद की व्यवस्था होगी। प्रशासन का जोर किसानों से सीधे धान खरीदने, उचित मूल्य दिलाने और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर है। नए स्वीकृत केंद्रों में खाद्य विभाग के तीन, पीसीएफ के पांच और यूपीएसएस के पांच केंद्र शामिल हैं। बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और उतरौला तहसीलों में इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को नजदीकी क्षेत्र में धान बेचने के अधिक विकल्प मिलेंगे। अतिरिक्त केंद्रों में बलरामपुर मंडी द्वितीय, बी-पैक्स रामनगर, लिलवा, सरकहवा, गुगौली, प्रेम नगर, बेलखरी, जमुनीखुर्द, जैतापुर द्वितीय, पचपेड़वा मंडी द्वितीय और बी-पैक्स हुसैनाबाद सहित विभिन्न केंद्र शामिल हैं। जिले में स्वीकृत कुल 37 केंद्रों में खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 10, यूपीएसएस के 13 तथा भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है। संबंधित अधिकारियों को केंद्रों पर तौल, सुरक्षित भंडारण और अभिलेखों के रखरखाव सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीद की निगरानी के लिए बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और उतरौला के उप जिलाधिकारियों को तहसीलवार नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, जिला खाद्य विपणन अधिकारी को अपर जिला खरीद अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को धान के सुरक्षित भंडारण, चावल मिलों तक प्रेषण और केंद्रीय पूल में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) जमा कराने की व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बीएससी छात्रा की संदिग्ध मौत, अज्ञात उकसाने का केस:देवरिया पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही, बिसरा जांच को भेजा
    Next Article
    कंटेनर में टकराई लोडर, परिचालक की जिंदा जलकर मौत:कानपुर में चालक ने कूदकर बचाई जान, 10 इलेक्ट्रिक बाइकें जलीं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment