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    बरेली में AIMIM के प्रदेश महासचिव का विवादित बयान:प्रदेश महासचिव बोले- देश में अब मुसलमानों को डर लगता है, दाढ़ी-टोपी देखकर हो रहे हमले

    2 hours ago

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    ट्रेन में बिहार के मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी की संदिग्ध मौत के बाद अब सियासत गरमा हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इसे सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए 'मॉब लिंचिंग' का करार दिया है। शनिवार को पार्टी के प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बरेली कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। सड़कों और ट्रेनों में सुरक्षा पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत के दौरान नदीम कुरैशी ने बेहद तीखा और विवादित बयान देते हुए कहा कि आज भारत और उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को सड़क पर निकलने में डर लग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दाढ़ी और टोपी देखकर चुन-चुनकर मुसलमानों पर हमले किए जा रहे हैं। कुरैशी ने कहा कि फिरकापरस्त ताकतों ने समाज में इतनी नफरत भर दी है कि अब ट्रेनों और बसों में सफर करना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस नफरत और हिंसा पर विराम कब लगेगा? गला दबाकर हत्या का लगाया आरोप पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट ने घटना की गंभीरता बताते हुए कहा कि मौलाना तौसीफ रज़ा ने मौत से पहले अपनी पत्नी को फोन पर बताया था कि उन्हें कुछ गुंडों ने घेर लिया है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। असलम ने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने की बात सामने आई है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ वैसी ही सख्त 'ठोक दो' नीति अपनाई जाए, जैसी बात प्रदेश के मुख्यमंत्री करते हैं। ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो पार्टी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होगी। क्या है पूरा मामला… बरेली में 24 और 25 अप्रैल को ताजुश्शरिया के उर्स में आए थे मौलाना बरेली में 24 और 25 अप्रैल को ताजुश्शरिया का उर्स था। जिसमें देश भर से लाखों जायरीन बरेली आए थे। 26 अप्रैल को मौलाना तौसीफ रजा मजहरी ट्रेन से वापिस बिहार अपने घर जा रहे थे। वो जनरल डिब्बे में चढ़े थे। इस दौरान उनका शव कैंट स्टेशन के पास मिला। जब मौलाना ट्रेन में थे तो उन्होंने अपनी पत्नी को फोन भी किया था और कहा था मुझे कुछ लोग मार रहे है तुम पुलिस को फोन कर दो। 27 अप्रैल को पुलिस को बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के पास मौलाना का शव मिला। जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया था और पुलिस ने इसे हादसा बताया था।
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