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    बारिश में कानपुर की सड़कें बनीं मुसीबत:दिल्ली IIT की रिपोर्ट से होगा डॉट नालों का समाधान, नगर आयुक्त बोले- बारिश के बाद होगा निर्माण

    8 hours ago

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    कानपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच शहर की सड़कें लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। कई प्रमुख इलाकों में सड़कें धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी और सड़कों पर कीचड़ हो जाने से दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, जबकि कई जगहों पर घंटों तक जाम लग रहा है। काकादेव स्थित कुलवंती हॉस्पिटल के सामने की पूरी सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दिनों में पानी भर जाने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह अशोक नगर की 80 फीट रोड पर पहले से बने बड़े गड्ढे के ठीक बगल में एक और गड्ढा हो गया है। वहीं सेंट फ्रांसिस स्कूल के बाहर और मोतीझील स्थित केडीए वीसी आवास के सामने भी सड़क धंसने से यातायात प्रभावित है। स्कूल की छुट्टी के समय यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन वहां पर भी जाम लग जाता है। देखिए जर्जर सड़कों की तस्वीरें… शहर में डॉट नालों की जर्जर स्थिति अब सड़कों के धंसने की बड़ी वजह बनती जा रही है। बाकरगंज, अस्सी फीट रोड, मोतीझील, अशोक नगर और गुमटी नंबर-5 क्रॉसिंग समेत कई स्थानों पर सड़कें धंसने के बाद मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन इसकी धीमी रफ्तार लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से बैरिकेडिंग लगी हुई है, लेकिन काम बेहद धीमी गति से हो रहा है। नगर निगम और जल निगम की टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना होती है कि सड़क पाइपलाइन लीकेज से धंसी है या डॉट नाले के क्षतिग्रस्त होने से। जांच और कारण तय करने में ही कई दिन निकल जाते हैं, जिसके चलते मरम्मत कार्य लंबा खिंच जाता है। महाराजा डेयरी के सामने करीब 15 जुलाई को सड़क धंस गई थी। दो दिन बाद खुदाई शुरू हुई तो पता चला कि नीचे डॉट नाला क्षतिग्रस्त है। करीब 20 दिन बाद भी यहां मरम्मत पूरी नहीं हो सकी है। आधे से अधिक सड़क बंद होने से इस व्यस्त मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। मोतीझील में केडीए वीसी आवास के बाहर भी 24 जुलाई के आसपास सड़क धंस गई थी। शुरुआती दिनों में केवल बैरिकेडिंग कर यातायात नियंत्रित किया गया। बाद में खुदाई में सामने आया कि जलकल की लाइन बैठने के साथ ब्रिटिशकालीन डॉट नाला भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुरानी नाले की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं और झील की तली से रिसाव होने के कारण मरम्मत में समय लग रहा है। काकादेव स्थित कुलवंती हॉस्पिटल के सामने सड़क के गड्ढे राहगीरों, मरीजों और छात्रों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। हल्की बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे आए दिन वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। वहीं अशोक नगर स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल के बाहर भी पिछले सप्ताह सड़क धंस गई थी। जांच में यहां भी डॉट नाला क्षतिग्रस्त मिला। पिछले तीन दिनों से मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन स्कूल की छुट्टी के समय यहां भारी जाम लग रहा है। फातिमा स्कूल आने-जाने वाले वाहन भी इसी जाम में फंस रहे हैं। उधर, बाकरगंज चौराहे पर जेपी पैलेस के सामने छह जुलाई को सड़क धंसने के बाद से अब तक मरम्मत पूरी नहीं हो सकी है। शुरुआत में आसपास की इमारतों की सुरक्षा को देखते हुए बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया गया था। बाद में जांच में डॉट नाला धंसा मिलने पर खुदाई शुरू हुई, लेकिन करीब 29 दिन बाद भी काम जारी है।
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