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    बसपा नेता दारासिंह प्रजापति ने ज्वाइन की सपा:यूपी की 50 से अधिक सीटों पर हैं निर्णायक, हिस्सेदारी के साथ ही जाएगी बिरादरी

    2 hours ago

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    प्रजापति समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बसपा नेता दारासिंह प्रजापति ने साइकिल की सवारी कर ली है। लखनऊ में सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई है। बसपा के टिकट पर 2024 में मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ चुके दारासिंह प्रजापति के साथ समाज के कई दिग्गज चेहरों ने सपा में एंट्री की है। दारासिंह प्रजापति के सपा ज्वाइनिंग के साथ ही अब भाजपा की नजर भी ओबीसी वोटरों में प्रजापति समाज पर है। बिरादरी पर अपना प्रभाव जमाए रखने के लिए अचानक भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने बिरादरी के अन्य नेताओं को लखनऊ बुला लिया। लखनऊ में सीक्रेट मीटिंग हुई है। जिसमें प्रजापति समाज की हिस्सेदारी को लेकर चर्चा हुई। केवल वेस्ट यूपी नहीं बल्कि प्रजापति समाज यूपी की सभी 403 सीटों पर जीत के लिए अहम है। समाज के जानकारों की मानें तो यूपी के सभी 6 क्षेत्रों में 50 सीटें ऐसी हैं जहां प्रजापति समाज निर्णायक की भूमिका में है। इसलिए भाजपा, बसपा ही नहीं अब सपा की नजर भी प्रजापतियों पर है। अखिलेश बोले पूरा वेस्ट यूपी साथ लेकर आए हैं दारासिंह अखिलेश यादव ने सपा ज्वाइन कराते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि दारा सिंह प्रजापति पूरा समाज यहां लखनऊ ले आए हैं, पूरा पश्चिम संग लेकर आ गए हैं। पश्चिमी यूपी साथ ले आए हैं। 403 सीटों पर समाज की अहम भूमिका राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और भाजपा पश्चिम में ओबीसी मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे लोकेश प्रजापति कहते हैं कि यूपी की सभी 403 सीटों पर प्रजापति समाज की अहम भूमिका है। यूपी में 40 लाख के करीब आबादी हमारे समाज की है। इसे इग्नोर करने का मतलब किसी भी दल के राजनीतिक समीकरणों के गड़बड़ाने वाली स्थिति है। दल चाहे जो भी है अगर यूपी में जीत हासिल करनी है तो प्रजापति समाज को दरकिनार नहीं कर सकते। अन्य पिछड़ी जातियों में सबसे महत्वपूर्ण प्रजापति लोकेश प्रजापति भाजपा पश्चिम क्षेत्र में ओबीसी मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे हैं। कहते हैं प्रजापति समाज कुम्हार यानि मिट्‌टी के बर्तन बनाने वाला समाज हैं। हमारी मौजूदगी हर क्षेत्र में है। इसलिए हम अन्य पिछड़े वर्ग उनकी जातियों से ज्यादा प्रमुख हैं। जाट, गुर्जर, यादव, पासी, पटेल, निषाद, पाल, कश्यप, लोधी या अन्य समस्त जातियां जो ओबीसी में आती हैं वो क्षेत्रवार पाई जाती हैं। उनकी वोटबैंक केवल उसी क्षेत्र या आसपास के इलाकों में हैं। लेकिन प्रजापति समाज वो है जो हर सीट हर गांव पर प्रभाव रखता है। वहां उसकी वोट मौजूद है। इसलिए पार्टियां प्रजापतियों को दरकिनार नहीं कर सकती। एक विधायक, एक मंत्री समाज के हिस्से उत्तर प्रदेश की कुल आबादी में प्रजापति समाज की हिस्सेदारी लगभग 3% से 3.42% के बीच मानी जाती है। कुछ मंचों पर यह दावा 6% तक भी किया जाता है। वर्तमान में प्रजापति समाज से डॉ. मनोज प्रजापति हमीरपुर से विधायक हैं। इनके अलावा आगरा के धर्मवीर प्रजापति एमएलसी कोटे से मंत्री हैं। इसके अलावा कोई बड़ी भागीदारी समाज को नहीं मिली है। राजनीतिक हिस्सेदारी पर बड़े दल दिखाते उदासीनता उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रजापति (कुम्हार) समाज को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक अति-पिछड़ा (OBC) वोटबैंक माना जाता है। पिछले कुछ चुनावों (जैसे 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव) में प्रजापति समाज का एक बड़ा हिस्सा गैर-यादव ओबीसी गठबंधन के तहत भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में लामबंद देखा गया है। भाजपा ने समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए धर्मवीर प्रजापति जैसे नेताओं को कैबिनेट व विधान परिषद में जगह दी है। समाजवादी पार्टी अपने (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के तहत प्रजापति समाज को लुभाने की पुरजोर कोशिश कर रही है। सपा ने पिछले चुनावों में अमेठी से महाराजी प्रजापति जैसी उम्मीदवारों को टिकट देकर जीत भी दर्ज की है। बहुजन समाज पार्टी भी अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले के तहत इस वोटबैंक को साधने में जुटी है। इन सीटों पर निर्णायक की भूमिका में प्रजापति समाज यूपी के हर जिले, हर गांव में प्रजापति समाज का वोटबैंक है। पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक ऐसा कोई गांव नहीं जहां प्रजापतियों की वोटें न हों। पश्चिमी यूपी की 70 सीटों पर 10 लाख वोट प्रजापतियों की है। लेकिन निर्णायक की बात करें तो बिरादरी हमीरपुर, तिंदवारी, पनेरु, महोबा सदर, अयशाहा फतेहपुर, खतौली, गढ़ मुक्तेश्वर, किठौर, मेरठ दक्षिण 30 हजार वोट है, मुरादाबाद देहात, बिलारी, चरथारी, नूरपुर, बरेली, फाफामऊ, खतौली सीटों पर प्रमुखता से सहभागिता रखती है। यूपी की लगभग 50 सीटों पर निर्णायक भूमिका में है। कानपुर-बुंदेलखंड में हैं सर्वाधिक वोट समाज के जानकारों की माने तो प्रजापति समाज की सर्वाधिक वोट बुंदेलखंड-कानपुर क्षेत्र में हैं। यहां लगभग 13 लाख वोट हैं जो कई सीटों पर प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। आज से मेरा तन, मन, धन सब सपा का है दारासिंह प्रजापति ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जी के चरणों में नमन करते हुए, पीडीए के नेता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपना नेता मानते हुए सपा में आया है। कहा कि मैं लंबे समय से एक दल में था, जिसमें रहकर मैंने मुजफ्फरनगर से एमपी का चुनाव लड़ा। चुनाव लड़ने मुझे ये फल मिला कि कई बार मेरे यहां बुलडोजर चलवाए गए, लेकिन मैं घबराया नहीं, क्योंकि मेरा समाज मेरे साथ थे। मैं लंबे समय से सोचता था कि मेरा समाज कितना पिछड़ा हुआ है। मुझे हरेंद्र मलिक ने कई बार कहा कि सपा ऐसी पार्टी है जहां आपका भला हो जाएगा। कहा कि अतुल प्रधान व अन्य लोग लगातार मेरे संपर्क में रहते थे। मैंने सोच बनाई कि मेरे समाज का भला कहीं हो सकता है तो वो केवल सपा में हो सकता है। अखिलेश यादव ही पीडीए की सोच रखने वाले नेता है। मैं यहां अपने लिए कुछ लेने नहीं आया। लोग कहते होंगे कि दारासिंह टिकट के लिए या किसी एडजस्टमेंट के लिए आया होगा। लेकिन मैं कसम खाता हूं अध्यक्ष जी कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, मैं आपको यूपी का सीएम देखना चाहता हूं, मुझे पता है कि जब सपा की सरकार बनी तब हमारी जातियों का नाम लिया गया। हमारी हिस्सेदारी की बात हुई। हमारे लोग कहते हैं कि हमारी हिस्सेदारी बढ़ेगी। कहा मेरे परिवार, मेरे लोग आपसे जो भी मांग जाएं कभी मत देना, मेरा तन, मन, धन मेरे पास जो भी है सब आपके नाम कर दूंगा। मैंने कहा था कि मेरा बेटा ले लो, सपा के लिए मेरा खून मेरा परिवार आज से आपके लिए है। मैं अपना सबकुछ आपको देता हूं। लेकिन मैं बस यही कहूंगा कि मेरा गरीब समाज है इसको याद रखना। डबल इंजन की सरकार ने हमें धोखा दिया है, 99 प्रतिशत वोट वाली पार्टी को जीरो कर दिया है। 35प्रतिशत अतिपिछड़ा के आरक्षण में कुम्हार भी बसता है। उन्हें कोई ध्यान नहीं दे रहा। मेरी वो सोच है, मैं अपना सब कुछ लुटा दूंगा, मेरा तन, मन सब आपका है। मंच से शिवपाल यादव, मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक, सरधना से विधायक अतुल प्रधान और प्रजापति समाज के लोगों का नाम लिया। ये हैं समाज की प्रमुख 3 मांगें . प्रजापति समाज को पिछड़ी जाति से निकालकर एससी में शामिल किया जाए। इससे समाज का आर्थिक, शैक्षणिक हालात सुधरें। . राजनीतिक हिस्सेदारी को बढ़ाया जाए। जब समाज हार-जीत में निर्णायक भूमिका में हैं तो हर सभी दल हमें हिस्सेदारी दें, चाहे हारने वाली सीटों पर दें। . समाज लंबे समय से पारंपरिक रोजगार (मिट्टी के शिल्प) के संरक्षण के लिए विशेष सहूलियतों, माटी कला बोर्ड के सुदृढ़ीकरण की मांग उठा रहा है। क्षेत्रवार प्रजापति समाज की वोट यूपी में 50 लाख वोट बुंदेलखंड-कानपुर 13 लाख पश्चिम क्षेत्र- 10 लाख अवध क्षेत्र- 07 लाख गोरखपुर- 10 लाख काशी - 06 लाख प्रजापति समाज के बाहुल्य वाली सीटें 1. हमीरपुर 2. ⁠तींदवारी 3. ⁠कालपी 4. ⁠बबेरू 5. ⁠कर्वी 6. ⁠अमेठी 7. ⁠कुंदरकी 8. ⁠मोदीनगर 9. ⁠आगरा दक्षिण 10. ⁠खतौली 11. ⁠अयाशाह फतेहपुर 12. ⁠निजामाबाद 13. ⁠गरौठा 14. ⁠झाँसी सदर
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