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    बदायूं में गंगा का कटान अब बांध तक पहुंचा:पथरामई में बांध से सटकर बह रही नदी, कमजोर हिस्से पर ईंटों का फर्श बिछाकर बचाव शुरू

    5 hours ago

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    बदायूं के उसहैत इलाके में गंगा का कटान अब गांवों के साथ बांधों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन गया है। पथरामई में गंगा बांध के बिल्कुल करीब बह रही है। तेज कटान के कारण बांध का किनारा भी प्रभावित होने लगा है। खतरा बढ़ता देख बाढ़खंड ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है। बांध के कमजोर हिस्से पर ईंटों का फर्श बिछाया जा रहा है, ताकि नदी की सीधी धार से बांध को नुकसान से बचाया जा सके। पथरामई के अलावा भुंडी और रैपुरा में भी कटान लगातार जारी है। भुंडी में करीब 500 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है, जिससे उसहैत बांध पर भी खतरा बढ़ गया है। रैपुरा में नदी लगातार जमीन काट रही है। वहीं कदम नगला की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां करीब 90 फीसदी गांव गंगा में समा चुका है और कटान अब भी जारी है। बाढ़ प्रभावित और सतर्क किए गए गांवों में ठकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, रैपुरा और कदम नगला शामिल हैं। वहीं दल नगला, कमलैयापुर, असमया रफतपुर, अहमद नगर बछौरा, बल्ले नगला, कमलू नगला, बेहटी, भकरी, चेतराम नगला, कोनका नगला और टिकाई खाम समेत कई गांवों की जमीन बाढ़ और कटान से प्रभावित हुई है। नरौरा से 83,835, बिजनौर से 1.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शनिवार सुबह 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, नरौरा से 83,835 क्यूसेक और बिजनौर से 1,17,513 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हरिद्वार से छोड़े गए पानी की जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में बाढ़खंड की नजर गंगा के जलप्रवाह पर बनी हुई है। बहाव बढ़ने पर पथरामई और उसहैत बांध पर दबाव और बढ़ सकता है। गंगा का कटान अब गांवों से आगे बढ़कर बांधों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। पथरामई में ईंटों का फर्श बिछाकर बांध को बचाने की कोशिश की जा रही है। अब चिंता इस बात की है कि नदी की तेज धार कहीं बचाव कार्य को पार कर बांध को अपनी चपेट में न ले ले।
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