Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बदायूं में कदमनगला गांव कटने के बाद जागा बाढ़ खंड:रैपुरा में हो रहे कटान को रोकने पहुंची टीम, तीन नए पॉइंट बनाए

    2 hours ago

    1

    0

    बदायूं के उसावां ब्लॉक में गंगा नदी के कटान से कदम नगला गांव पूरी तरह खत्म हो गया है। गांव के घर, स्कूल और पंचायत घर गंगा में समा गए। ग्रामीणों की खेती की जमीन भी नदी में बह गई। गांव के उजड़ने के बाद अब बाढ़ खंड विभाग जागा है। विभाग की टीम ने रैपुरा गांव को कटान से बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया है। रैपुरा गांव के पास गंगा की धार लगातार जमीन काट रही है। हालात को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग ने पानी की दिशा बदलने के लिए तीन रोकथाम पॉइंट बनाए हैं। इनका मकसद गंगा की तेज धार का रुख मोड़ना और रैपुरा की ओर बढ़ रहे कटान को रोकना है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कदम नगला में कटान शुरू होते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया जाता, तो शायद गांव को तबाह होने से बचाया जा सकता था। कदम नगला में कटान की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। ग्रामीणों के घर एक-एक करके गंगा में समाते चले गए। गांव का स्कूल और पंचायत घर भी कटान की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों की खेती की बड़ी जमीन भी नदी में बह गई। अब गांव में पहले जैसी बस्ती नहीं दिखती। ग्रामीणों के अनुसार, रैपुरा के आसपास भी कटान तेजी से बढ़ रहा है। कई जगहों पर हर दिन 10 से 15 मीटर तक जमीन कटने की बात कही जा रही है। मौके पर बाढ़ खंड के जेई मोहित, अमित कुमार और सतीश चंद्र समेत कई कर्मचारी मौजूद थे। टीम ने तीनों रोकथाम पॉइंट के काम और पानी की दिशा बदलने की व्यवस्था का जायजा लिया। ग्राम प्रधान राकेश कश्यप ने बताया कि अगर बचाव कार्य करीब एक महीने पहले शुरू हो जाता, तो कदम नगला को इतना नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि अब रैपुरा को बचाने के लिए स्थायी और पक्का बचाव कार्य कराना जरूरी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नोएडा में तीन लोगों से ठगे 21 लाख:बैंक कर्मी , एपीके फाइल छाउनलोड और निवेश के नाम पर दिया गया झांसा
    Next Article
    गंगा और सरयू के बढ़ते जलस्तर से बलिया में बाढ़:36 हजार से अधिक लोग चपेट में आए; कई गांव-मोहल्लों में घरों तक पहुंचा पानी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment