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    चारों बच्चों के सामने पिता-मां को चाचा ने मार डाला:सीतापुर में मासूम बेटे ने दी मुखाग्नि, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

    1 hour ago

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    "हम मम्मी-पापा खाना खा रहे थे... तभी लड़ाई हुई... पापा बाहर गए... फिर खून-खराबा हुआ... एम्बुलेंस आई... अस्पताल पहुंचते ही सब खत्म हो गया। चाचा शराब के नशे में आए और मार दिए। हमसे कुछ नहीं बोले..." यह दर्द 10 वर्षीय आर्यन का है। उसकी आंखों के सामने चाचा नेमां-बाप की हत्या कर दी थी। हत्या के समय घर में चार मासूम बच्चे थे। दैनिक भास्कर की टीम सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के ठाककुर नगर गांव पहुंची। बच्चों से बात की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट … पहले पढ़िए पूरी घटनाक्रम…. ठाकुर नगर गांव में हरीश (40) तीन भाई थे। श्यामू मंझला और सबसे छोटा रामू है। बुधवार शाम परिवार के लोग बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान श्यामू का हरीश से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि श्यामू ने बड़े भाई हरीश पर चाकू से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचीं हरीश की पत्नी पूनम पर भी वार किया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। तीसरे भाई रामू को भी हमले में चोटें आईं। एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार घटना के बाद डॉक्टरों की निगरानी में दंपती का पोस्टमार्टम कराया गया। गुरुवार देर शाम गोमती घाट पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। मृतका पूनम के बेटों ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। मृतका के भाई गोपी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी श्यामू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हमले में घायल दूसरे भाई का इलाज लखनऊ में चल रहा है। मृतक हरीश का परिवार वर्षों से नैमिष में रह रहा था। करीब 30 साल पहले उनकी मां रामकोट से यहां आकर बस गई थीं। हरीश की पहली शादी लक्ष्मी से हुई थी, जिनसे दो बच्चे— तनवी और आरव हैं। बाद में हरीश की नजदीकियां पत्नी की छोटी बहन पूनम से बढ़ीं और पहली पत्नी की सहमति से वह पूनम के साथ रहने लगे। पूनम से उन्हें दो और बच्चे— आर्यन और आरोही हुए। चारों बच्चे पिता के साथ ही रहते थे। पहली पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल घटना की सूचना मिलते ही रोहतक से पहुंची पहली पत्नी लक्ष्मी अस्पताल में बेसुध हो गईं। वह बच्चों से लिपटकर बार-बार कहती रहीं— "सब कुछ खत्म हो गया..." उन्होंने चारों बच्चों को अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई है। कैसे हुआ डबल मर्डर, बेटे ने बताया आर्यन के अनुसार, मंगलवार शाम परिवार के लोग खाना खा रहे थे। तभी चाचा श्यामू रोज की तरह शराब पीकर घर पहुंचे और गाली-गलौच शुरू कर दी। विवाद बढ़ते-बढ़ते घर से बाहर सड़क तक पहुंच गया। इसी दौरान श्यामू ने चाकू से हरीश पर कई वार किए। बीच-बचाव करने पहुंचे रामू और पूनम पर भी हमला कर दिया। तीनों लहूलुहान होकर गिर पड़े। वारदात के बाद आरोपी बिना कुछ कहे फरार हो गया। गांववालों की मदद से बच्चों ने एम्बुलेंस बुलवाई, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही दंपती की मौत हो गई। गांव में आरोपी की दहशत परिजनों के मुताबिक, अविवाहित श्यामू शराब पीकर अक्सर विवाद करता था। पहले भी वह घर में आग लगाने और छेड़छाड़ के मामले में जेल जा चुका था। गांव में उसकी दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वारदात के बाद अस्पताल तक बच्चों के साथ जाने की हिम्मत भी कोई ग्रामीण नहीं जुटा सका। पुलिस की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक नवनीत मिश्रा के अनुसार, मृतका के भाई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
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