Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    चार मौतों की जानकारी बूढ़े मां-बाप को नही दी थी:बुजुर्ग बोले- 'अब हमें दादा-दादी कौन कहेगा', बहन ने कहा-दीदी जीजा को मेला देखने के लिए रोका था

    1 hour ago

    1

    0

    शाहजहांपुर में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई।यह घटना बोलेरो की टक्कर से हुई।मृतकों की पहचान अरुण, उनकी पत्नी सीमा और उनके दो बच्चों नैतिक व दीक्षा के रूप में हुई थी। हादसे के बाद अरुण के बूढ़े माता-पिता को चोट लगने की सूचना दी गई थी।जब वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और अपने बच्चों व पोते-पोती के शव देखे तो वे गहरे सदमे में आ गए।उन्होंने विलाप करते हुए कहा, "अब हमें दादा-दादी कौन कहेगा?" मृतका सीमा की बहन धर्मवति ने बताया कि गुरुवार सुबह उन्होंने अरुण और सीमा को गांव में लगने वाले मेले को देखने के लिए रोकने की बहुत कोशिश की थी।उन्होंने कहा था कि मेला देखकर जाना,लेकिन अरुण को अपने काम पर जाने की जल्दी थी। अरुण की मां उर्मिला ने बताया कि उनका बेटा मजदूरी करता था और बहू सीमा उनकी बहुत देखभाल करती थी।उनके पोता नैतिक और पोती दीक्षा हमेशा उनके आसपास रहते थे।उर्मिला ने यह भी बताया कि वे घरों में बर्तन धोने का काम करती हैं।उन्होंने अपनी बड़ी पोती प्रयांशी को घर पर ही रोक लिया था,ताकि घर अकेला न रहे। उर्मिला ने भावुक होकर बताया कि शादी में जाते समय पोता-पोती ने उनसे कुछ चीजें मांगी थीं।उन्होंने बच्चों से कहा था कि लौटने पर दिलाएंगी।इसके लिए उन्होंने पचास रुपये बचाकर अलग रख लिए थे और उनके लौटने का इंतजार कर रही थीं। जब उर्मिला अपने पति के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं,तो उन्होंने पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा को देखा।अपनी संतानों के शव देखकर वे पहले तो बेहोश हो गईं।होश आने पर उन्होंने पूर्व विधायक से अपने चारों परिजनों के शव दिखाने की गुहार लगाई।पूर्व विधायक उन्हें शवों के पास ले गए और करीब एक घंटे तक परिवार को ढांढस बंधाते रहे। वहीं मृतका सीमा पांच बहनों में तीसरे नंबर की थी और उनके दो छोटे भाई भी हैं। सिलखड़ी गांव में एक धार्मिक स्थल पर हर साल मेला लगता है।बहन धर्मवति ने बताया कि शादी संपन्न होने के बाद गुरूवार को घर में उनको सब रोक रहे थे।उनसे कहा था कि मेला लगा है। सब लोग आज मेला देखकर चले जाना।लेकिन अरुण ने कहा कि उनको अपना काम भी देखना है। उन्होंने रूकने से मना कर दिया था। इसलिए हम सब बहने अपने अपने घरो पर चले गए थे। उनके घर से निकलने के दो घंटे बाद सूचना मिली कि चारों लोगों की मौत हो गई। बता दें कि निगोही थाना क्षेत्र के रामननगर बगिया मोहल्ले के रहने लाले अरुण अपनी पत्नी सीमा और दो बच्चों के साथ पुवायां क्षेत्र के सिलखड़ी गांव में साले की शादी में शामिल होकर बाइक से वापस घर लौट रहे थे ।तभी बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मारी थी और चारो लोगों की मौके पर मौत हो गई थी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नर्स से लूट के 6 साल पुराने केस में फैसला:इटावा में एक आरोपी को तीन साल की जेल, दूसरा सबूत के अभाव में बरी
    Next Article
    झांसी मेडिकल कॉलेज की लिफ्ट 20 फीट से नीचे गिरी:मेडिकल प्रशासन बोला- लोग ज्यादा था, ओवरलोड होने से रोप टूट गई; एक घायल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment