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    नर्स से लूट के 6 साल पुराने केस में फैसला:इटावा में एक आरोपी को तीन साल की जेल, दूसरा सबूत के अभाव में बरी

    1 hour ago

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    इटावा में स्टाफ नर्स से लूट के छह साल पुराने मामले में कोर्ट ने आरोपी सचिन को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सह-आरोपी अमन कुमार को पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम आलोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सचिन को दोषी माना। 2019 में हुई थी लूट की वारदात विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित के अनुसार, 12 अप्रैल 2019 को पीजीआई में कार्यरत स्टाफ नर्स अमृता प्रियदर्शनी टैम्पो से उतरकर अपने हॉस्टल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गेट के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया और फरार हो गए। घटना के दौरान शोर मचाने पर एक राहगीर ने बदमाशों का पीछा किया और एक आरोपी को पकड़ लिया। उसके पास से नर्स का पर्स बरामद हो गया, हालांकि मोबाइल फोन नहीं मिल सका। गवाहों और सबूतों के आधार पर फैसला पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम सचिन पुत्र सुभाष चंद्र निवासी करहल बताया और अपने साथी का नाम अमन कुमार बताया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सचिन को दोषी ठहराया और सजा सुनाई, जबकि दूसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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