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    चार श्रम संहिताओं के विरोध में बैंककर्मियों की हड़ताल:फिरोजाबाद में 200 करोड़ के लेनदेन पर असर, निजीकरण व 5-डे वर्किंग की मांग

    9 hours ago

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    फिरोजाबाद में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को देशभर में बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। इस आंदोलन का असर फिरोजाबाद में भी देखा गया, जहां UPBEU (फिरोजाबाद इकाई) के आह्वान पर कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे सुहाग नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए चार नए लेबर कोड वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य स्थितियां संहिता, 2020 पुराने 29 श्रम कानूनों को बदलते हैं। हालांकि, यूनियनों का आरोप है कि ये संहिताएं कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करेंगी। यूनियन नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इन कानूनों से स्थायी नौकरियों की जगह अनुबंध आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और हड़ताल जैसे संवैधानिक अधिकारों पर भी अंकुश लगेगा। धरने में वक्ताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और अनुबंधित नियुक्तियों का कड़ा विरोध किया। इसके साथ ही, बैंकिंग सेक्टर में 5-डे वर्क वीक (पांच दिवसीय कार्य सप्ताह) लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस आंदोलन में AIBEA, AIBOA और BEFI ने सक्रिय भागीदारी की, जबकि AIBOC, NCBE, INBEF और INBOC ने नैतिक समर्थन दिया। UPBEU फिरोजाबाद इकाई की ओर से चेयरमैन अशोक कुमार महेश्वरी और सेक्रेटरी मनीष कुमार यादव (PNBSA) ने सभी साथियों से आंदोलन को सफल बनाने के लिए शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया था। हड़ताल के चलते जिले में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। अनुमान है कि करीब 200 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा, जिससे आम ग्राहकों और व्यापारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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