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    चोरी-धोखाधड़ी केस में आरोपी को 7 साल की जेल:9 साल पुराने मामले में आया फैसला, 3 हजार रुपए जुर्माना

    12 hours ago

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    मिर्जापुर में चोरी और धोखाधड़ी के करीब नौ साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी मुस्तकीम को सात साल की साधारण जेल की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी पर तीन हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर उसे दो दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। पुलिस की ओर से ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला आया है। मामला कोतवाली कटरा थाने में वर्ष 2017 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 411 और 420 के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों को पेश किया। गवाही से मजबूत हुई पैरवी मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने आरोप साबित करने के लिए गवाहों को कोर्ट में पेश किया। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इस मामले में भी पैरवी को प्राथमिकता दी गई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा। जौनपुर का रहने वाला है आरोपी मुस्तकीम अदालत से सजा पाने वाला मुस्तकीम, जमील हाफिज का बेटा है। वह जौनपुर जिले के मीरमस्त, नवाब युसुफ रोड, कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है। कोर्ट ने मामले में मौजूद साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर उसे दोषी माना। इसके बाद सात साल की साधारण जेल और तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। पहले जेल में बिताया समय भी सजा में जुड़ेगा इस केस की पैरवी एसपीओ नीरज कुमार और पीओ बृजेश कुमार तिवारी ने की। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव, कोर्ट मुहर्रिर हेड कांस्टेबल सुबेदार यादव व रिजवान अहमद और पैरोकार कांस्टेबल सरवन कुमार ने भी मामले में अहम भूमिका निभाई। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी ने मुकदमे के दौरान जेल में जितना समय पहले बिताया है, उसे उसकी सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
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