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    चित्रकूट में फाल्गुन अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब:5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, कामदगिरी की परिक्रमा की

    2 hours ago

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    फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर मंगलवार को चित्रकूट में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्य स्नान पर्व पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई। इसके बाद उन्होंने कामदगिरी पर्वत की पंचकोशी परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया। तड़के सुबह से ही घाटों पर 'जय श्रीराम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे। भोर होते ही श्रद्धालु मंदाकिनी तट पर पहुंचने लगे। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या पर यहां स्नान और परिक्रमा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। संत दिव्य जीवन दास महाराज ने बताया कि यह वही तपोभूमि है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय बिताया था, जिससे इस धाम का महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर भारी पुलिस बल, पीएसी और दंडाधिकारी तैनात किए गए। प्रमुख घाटों और परिक्रमा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, जबकि ड्रोन कैमरों से भीड़ पर नजर रखी गई ताकि कोई अव्यवस्था न फैले। मेले के कारण 18 फरवरी की मध्यरात्रि तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। शहर में जगह-जगह रूट डायवर्जन भी लागू किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 16 से 18 फरवरी तक झांसी से चित्रकूटधाम कर्वी के बीच मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इसके अतिरिक्त, यात्रियों के आवागमन में सुविधा के लिए 100 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की गई थी। सीतापुर मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी वितरित की। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी जगह-जगह जलपान और चिकित्सा शिविर लगाए। मेले के दौरान हनुमान धारा, जानकीकुंड, स्फटिक शिला और सती अनुसुइया आश्रम जैसे अन्य प्रमुख स्थलों पर भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। पूरा चित्रकूट क्षेत्र दिनभर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से भरा रहा।
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