Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    CSJMU में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आईकल्स-2026’ की शुरुआत:वैज्ञानिक बोले- AI और डेटा साइंस से बीमारियों की पहचान होगी

    2 hours ago

    1

    0

    कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी में गुरुवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आईकल्स-2026’ की शुरुआत हुई। सम्मेलन के पहले दिन देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों ने जीवन विज्ञान और तकनीक के बदलते दौर पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा साइंस के आने से बीमारियों की पहचान और इलाज के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। AI और बिग डेटा से आसान हुई बीमारियों की पहचान सम्मेलन में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स ने बायोसाइंस के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इन तकनीकों की मदद से अब नई दवाओं की खोज, जीनोमिक्स रिसर्च और पर्यावरण की निगरानी अधिक सटीक तरीके से की जा रही है। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से तकनीक का उपयोग कर समाज के लिए नए समाधान खोजने की अपील की। प्रो-कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने भारतीय डेटा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार शोध कार्य किए जाने चाहिए। पौधों से बेहतर स्वास्थ्य, खेती में बदलाव की जरूरत लखनऊ से आए सीएसआईआर-एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने कहा कि पौधों में मौजूद पोषक तत्व मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि अब समय आ गया है जब हमें सिर्फ फसलों की पैदावार बढ़ाने (हरित क्रांति) पर ही नहीं, बल्कि पोषक और सेहतमंद फसलों के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। विदेशी वैज्ञानिकों ने साझा किए शोध अनुभव अमेरिका की मिसौरी यूनिवर्सिटी से आए डॉ. मिन सू ने आधुनिक क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी तकनीक के बारे में जानकारी दी। वहीं रूस से आए डॉ. विक्टर विट्वित्स्की ने कोशिकाओं के काम करने के तरीके को विस्तार से समझाया। इसके अलावा हैदराबाद यूनिवर्सिटी के डॉ. अनिल कुमार ने किडनी की बीमारियों और डायबिटीज के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डाला। सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी के डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के दौर में सूक्ष्म जीव स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पोस्टर के जरिए शोधार्थियों ने पेश किए नए आइडिया सम्मेलन के पहले दिन 12 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए और 40 से अधिक पोस्टर लगाए गए। पोस्टर सत्र में छात्र-छात्राओं ने अपने नए वैज्ञानिक विचारों को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में डॉ. अनुराधा कलानी, डॉ. राकेश कुमार शर्मा, डॉ. एकता खरे सहित विभाग के सभी शिक्षक मौजूद रहे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर वैज्ञानिकों से संवाद किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नोएडा में साइबर क्राइम मॉड्यूल का भंडाफोड़:दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार, ₹60-80 करोड़ के फ्रॉड की थी योजना
    Next Article
    मिल्कीपुर जन औषधि केंद्र पर नियमों की अनदेखी का आरोप:बाहर की जेनेरिक दवाएं बेचने का आरोप, अधीक्षक ने जांच का आश्वासन दिया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment