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    CSJMUसे जुड़े कॉलेजों की सुधरेगा ग्रेडिंग:NAAC आवेदन करने वाले पहले 25 कॉलेजों को मिलेगा 15 हजार का इनाम

    2 hours ago

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    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) अब अपने संबद्ध महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और रैंकिंग सुधारने के लिए मिशन मोड में जुट गया है। विश्वविद्यालय परिसर में दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों को एनआईआरएफ (NIRF) और नैक (NAAC) मूल्यांकन के लिए तैयार करना है। कार्यशाला के दूसरे दिन शुक्रवार को फर्रुखाबाद, कन्नौज और उन्नाव जनपद के महाविद्यालयों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने बारीकियां सीखीं। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने इस दौरान कॉलेजों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी घोषणा भी की। यू-केयर्स योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि उससे संबद्ध हर महाविद्यालय राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो। कॉलेजों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्होंने "यूनिवर्सिटी कॉलेज एक्रिडिटेशन, रिव्यू एंड एक्सीलेंस स्कीम" (U-CARES) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले शुरुआती 25 महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुलपति ने स्पष्ट किया कि रैंकिंग प्रक्रिया में शामिल होने से न केवल कॉलेजों की साख बढ़ेगी, बल्कि वहां की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा। तकनीकी सत्रों में मिली डेटा मैनेजमेंट की ट्रेनिंग कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने कॉलेजों को बताया कि किस तरह से वे अपने संसाधनों और उपलब्धियों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. राकेश कुमार शर्मा और आईक्यूएसी के सहायक निदेशक डॉ. मोहित कुमार ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि,किस तरह डेटा फीडिंग और रिसर्च आउटपुट के जरिए कॉलेज अपनी नेशनल रैंकिंग सुधार सकते हैं। शिक्षकों ने रैंकिंग से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं और तकनीकी समस्याओं पर विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब भी किए। सात अलग-अलग पैमानों पर नैक की तैयारी दूसरे सत्र में नैक मूल्यांकन के विभिन्न सात मानदंडों (क्राइटेरिया) पर गहन मंथन हुआ। डॉ. विशाल अवस्थी, डॉ. प्रकाश चन्द्र गुप्ता, डॉ. विशाल चंद, डॉ. अभिषेक चंद्रा और डॉ. प्रवीन कटियार ने अलग-अलग सेक्शन पर जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने बताया कि,कॉलेजों को अपने डॉक्यूमेंट्स और रिकॉर्ड्स को कैसे व्यवस्थित करना चाहिए ताकि मूल्यांकन के समय उन्हें बेहतर ग्रेड हासिल हो सके। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नैक की प्रक्रिया केवल एक सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि यह संस्थान की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और उत्कृष्ट बनाने का एक माध्यम है। स्वागत और संचालन की कमान कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज विकास परिषद के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। आईक्यूएसी निदेशक प्रो. संदीप कुमार सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा पेश की, जबकि कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन आईक्यूएसी के सह-निदेशक डॉ. प्रवीन कटियार ने किया। इस मौके पर सहायक निदेशक डॉ. हिना वैश्य समेत विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।
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