Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Cuba पर US पाबंदियों के खिलाफ UN में भारत का खुला समर्थन, Soumya Nair ने उठाया संकट का मुद्दा

    2 hours from now

    1

    0

    भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है, जिसमें क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग की गई है। इसमें इन प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया गया है, ताकि कैरेबियाई देश अपने विकास लक्ष्यों को हासिल कर सके। 193 सदस्य देशों वाली महासभा ने बुधवार को इस प्रस्ताव को अपनाया। इसमें 130 देशों ने पक्ष में, 17 ने विरोध में वोट दिया, जबकि 25 देश मतदान से दूर रहे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर सौम्या नायर ने भारत की ओर से बयान देते हुए कहा कि महासभा ने बार-बार इन प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग की है। साथ ही, महासभा ने ऐसे कानूनों और नियमों को भी खारिज किया है, जिनका असर देश की सीमाओं के बाहर तक होता है और जो अन्य देशों की संप्रभुता तथा वहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि पर बुरा असर डालते हैं। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप, सभी देशों से महासभा की उस अपील को दोहराता है कि वे ऐसे कानूनों और उपायों को लागू करने से बचें, और जो पहले से लागू हैं उन्हें निरस्त या अमान्य करें।इसे भी पढ़ें: Pune में IT कर्मचारी को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दो आरोपी बिहार से गिरफ्तारनायर ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता इस विश्वास पर आधारित है कि अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप, बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सबसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने कहा इसी भावना के साथ, भारत उम्मीद करता है कि क्यूबा पर लगे प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटा लिया जाएगा, ताकि एक ऐसा माहौल बन सके जिसमें क्यूबा के लोग अंतरराष्ट्रीय सहयोग में पूरी तरह से भाग ले सकें और अपनी विकास संबंधी जायज आकांक्षाओं को पूरा कर सकें। इसी भावना के साथ भारत उम्मीद करता है कि क्यूबा के लोगों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग में पूर्ण रूप से भाग लेने और अपनी वैध विकास आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाने वाला माहौल तैयार करने के लिए इस प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटा दिया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, नायर ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था और आवश्यक सेवाओं पर इन प्रतिबंधों के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि क्यूबा की स्वास्थ्य प्रणाली को 60 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पिछले पांच वर्षों में खाद्य उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इसे भी पढ़ें: Instagram Account बंद होने पर High Court में रिट नहीं, Civil Suit ही उचित विकल्पनायर ने कहा क्यूबा को ईंधन निर्यात पर लगे प्रतिबंधों ने देश के मौजूदा ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। इस कमी ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल आपूर्ति, खाद्य वितरण और परिवहन सहित आवश्यक सेवाओं को बाधित कर दिया है। अमेरिका और क्यूबा के बीच संघर्ष की जड़ें दशकों पुराने राजनीतिक, आर्थिक और वैचारिक मतभेदों में हैं। इसकी शुरुआत 1959 में हुई, जब फिदेल कास्त्रो ने अमेरिका समर्थित सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया और क्यूबा को सोवियत संघ के करीब ले गए। वाशिंगटन ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर दबाव बनाने के लिए छह दशकों से भी अधिक समय से उस पर कड़े व्यापार प्रतिबंध और आर्थिक पाबंदियां लगा रखी हैं। क्यूबा इन प्रतिबंधों को अपनी अर्थव्यवस्था की बदहाली, ईंधन की गंभीर कमी, बिजली कटौती और व्यापक गरीबी का जिम्मेदार ठहराता है। क्यूबा के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की आवश्यकता शीर्षक वाला प्रस्ताव, अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रति संयुक्त राष्ट्र महासभा के लंबे समय से चले आ रहे विरोध को दर्शाता है। हालांकि, इस प्रकार के महासभा के प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते हैं। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    बुरे फंसे नेतन्याहू! नहीं मिला बहुमत, अब अरब पार्टियां बनेंगी किंगमेकर
    Next Article
    US Congress चुनाव नतीजों से ट्रंप पर बढ़ेगा दबाव, ईरान वॉर और भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment