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    डीएम ने बीएमएम को लगाई फटकार:CDO को 2 दिन में रिपोर्ट देने को कहा, कई विकास खंडों की स्थिति बेहद खराब

    10 hours ago

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    जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (बीएमएम) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लक्ष्य के सापेक्ष संतोषजनक प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कई बीएमएम को फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने विकास खंडवार समूह गठन, परिवार संतृप्तिकरण, रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) और सीसीएल की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। असोहा, पुरवा, हिलौली, सरोसी और बांगरमऊ विकासखंडों में प्रगति बेहद खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित ब्लॉक मिशन प्रबंधकों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि लापरवाह बीएमएम की दो दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए शासन को भेजी जाए। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कई स्थानों पर वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप समूहों का गठन नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने गठित स्वयं सहायता समूहों की वास्तविकता की जांच के लिए मजिस्ट्रेटियल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि समूह केवल कागजों पर न हों, बल्कि वास्तव में सक्रिय होकर कार्य कर रहे हों। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की बैठक बुलाकर उन्हें दी गई धनराशि की जांच करें। साथ ही, समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों का सत्यापन करें और संबंधित पत्रावलियों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में सुधार न होने पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा पर भी नाराजगी जताई और कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है, जिसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाया जाना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी ब्लॉक में फर्जी समूह नहीं बनाए जाएं और वास्तविक रूप से सक्रिय समूहों का गठन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन में राज्य के औसत से कम प्रगति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, डीसी मनरेगा मुनीश सहित संबंधित अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
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