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    'DM-SSP की लापरवाही से HPCL अधिकारियों की हत्या':सपा सांसद बोले- विधायक और उनके सजातीय गुंडों ने कराया मर्डर, CBI जांच होनी चाहिए

    3 hours ago

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    समाजवादी पार्टी के आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव ने बदायूं में एचपीसीएल अधिकारियों की हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने ठीक से काम किया होता तो यह घटना नहीं होती। सांसद ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। धर्मेंद्र यादव, जो बदायूं से दो बार सांसद भी रह चुके हैं, ने कहा कि मृतक अधिकारियों को पहले से ही हमले और हत्या की आशंका थी। उन्होंने लिखित रूप में डीएम और एसएसपी सहित अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद घटना को रोका नहीं जा सका। सांसद ने आगे आरोप लगाया कि "बीजेपी के स्थानीय विधायक और उनकी जाति के सारे गुंडों ने मिलकर यह सरेआम व सुनियोजित हत्या की है।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव बदायूं में साल 2022 में दर्ज हुए आचार संहिता के उल्लंघन के एक मामले में कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे थे। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये बयान दिए। उन्होंने देश में पेट्रोलियम पदार्थों के संकट और गैस-पेट्रोल-डीजल की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में व्यवस्था को दुरुस्त रखने वाले अधिकारियों की हत्या कर दी गई। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात न करने की बात कही, लेकिन मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर कहा कि अधिकारियों के सामने पहले से चुनौतियां थीं, जिन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं हुआ। धर्मेंद्र यादव ने मांग की कि इस मामले में सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी हों, राजनैतिक व्यक्ति हों या उन्हें संरक्षण देने वाला कोई भी व्यक्ति हो। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना के बाद बदायूं में तैनात होने वाले अधिकारियों ने ड्यूटी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया है। सांसद ने कहा कि जिस बदायूं को आगे बढ़ाने का सपना मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने देखा था, आज उसकी यह हालत हो गई है कि एचपीसीएल के अधिकारी यहां पोस्टिंग लेने को तैयार नहीं हैं। सीबीआई जांच जरूरी एसआईटी के सवाल पर कहा कि ये सरकार की लीपापोती है। परिजन जानते हैं कि जिसने एसआईटी बनाई है। उन्होंने ही डीएम-एसएसपी को यहां तैनात किया था। जाहिर है कि परिजन उन पर भरोसा नहीं कर सकते और न ही करना चाहिए। सीबीआई जांच होना चाहिए। प्लांट पर जो आउटसोर्स स्टाफ तैनात है वो किसके इशारे पर हुआ, यह पूरा जिला जानता है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
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