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    एआई अवतार से जानें मरीजों की पसंद:न इंटरव्यू, न सर्वे आपके ‘एआई अवतार’ से पसंद जान लेंगी कंपनियां; 99% जवाब सटीक

    20 hours ago

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    जब किसी कंपनी को यह जानना होता है कि ग्राहक उसके नए उत्पाद या सेवा के बारे में क्या सोच रहे हैं, तो वह आमतौर पर हफ्तों तक मार्केट रिसर्च या सर्वे कराती है। लेकिन क्या हो अगर लाखों ग्राहकों का मिजाज जानने के लिए किसी असली इंसान से बात ही न करनी पड़े...? सिलिकॉन वैली की एआई स्टार्टअप ‘सिमिली’ ने ये कारनामा कर दिखाया है। इसे मार्केट रिसर्च की दुनिया में बड़ा धमाका माना जा रहा है। कंपनी का दावा है कि वह एआई के जरिए तैयार किए गए इंसानों के ‘डिजिटल या एजेंटिक ट्विन्स’ (एआई टि्वन्स) से सर्वे करके किसी भी प्रोडक्ट, ब्रांड या नीति पर सटीक उपभोक्ता प्रतिक्रिया दे सकती है। दिग्गज अमेरिकी हेल्थकेयर कंपनी सीवीएस हेल्थ यह जानना चाहती थी कि मरीज डॉक्टर्स की लिखी दवाएं समय पर क्यों नहीं लेते। इसके लिए उसने 4 लाख एआई-निर्मित ‘डिजिटल अवतारों’ के डेटा का विश्लेषण किया। सिमिली की तकनीक ने बिना बड़े सर्वे के ही मिनटों में मरीजों के व्यवहार से जुड़ी अहम वजहें उजागर कर सटीक नतीजे उपलब्ध करा दिए। सिमिली की शुरुआत 32 वर्षीय जून संग पार्क ने की है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने ऐसी तकनीक पर काम किया, जो इंसानों की तरह सोचने और व्यवहार करने वाले डिजिटल किरदार तैयार कर सके। यह विचार लोकप्रिय ‘सिम्स’ गेम से प्रेरित था। पार्क का मानना है कि अलग-अलग परिस्थितियों को डिजिटल दुनिया में आजमाया जाए, तो लोगों के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और कई समस्याओं के समाधान खोजे जा सकते हैं। सिमिली ने शुरुआत में विभिन्न वर्ग के 1000 लोगों के दो-दो घंटे के इंटरव्यू लेकर अपने मॉडल को प्रशिक्षित किया था। इसके बाद ‘गैलप’ जैसी संस्थाओं के साथ हाथ मिलाकर दुनिया भर के लाखों लोगों के व्यवहार को अपने डेटाबेस में शामिल किया। इस आइडिया की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज सालभर पुराने इस स्टार्टअप ने 1,910 करोड़ रुपए की नई फंडिंग जुटाई है। इसके बाद कंपनी की वैल्यूएशन 19,100 करोड़ रुपए पहुंच गई। उत्पाद का इस्तेमाल करके अनुभव भी बता सकेंगे डिजिटल ट्विन्स कंपनी की प्रोडक्ट हेड मिहिका कपूर कहती हैं,‘अलग-अलग परिस्थितियों और आबादी के समूहों में उनके एआई एजेंट्स के जवाब 85% से 99% तक सटीक साबित हुए हैं। पारंपरिक मार्केट रिसर्च के मुकाबले यह तरीका कहीं अधिक तेज व सस्ता है। सिमिली अब सिर्फ तक सर्वे सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें एआई अवतार समय के साथ किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर अपने अनुभव बता सकेंगे। भविष्य में कंपनियां ग्राहकों की पसंद समझने के लिए सीधे उनसे नहीं, बल्कि उनके एआई अवतारों से बातचीत कर सकती हैं।’
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