Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    US Immigration Fraud: भारतीय वकील Suraj Raj Singh पर 4 करोड़ का जुर्माना, फर्जी Asylum आवेदन का आरोप

    5 hours ago

    1

    0

    अमेरिका में इमिग्रेसन मामलों से जुड़े एक भारतीय मूल के वकील पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने अपने कई मुवक्किलों की ओर से कथित रूप से गलत और भ्रामक शरण आवेदन दाखिल किए। इस मामले में अब उनके खिलाफ करोड़ों रुपये के बराबर का नागरिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि मामले की कानूनी सुनवाई अभी जारी है और अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरणों द्वारा लिया जाना बाकी है।मौजूद जानकारी के अनुसार, भारतीय मूल के आव्रजन वकील सूरज राज सिंह अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में इमिग्रेसन से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। बताया गया है कि उन्होंने मुख्य रूप से भारतीय मूल के लोगों के लिए शरण से संबंधित आवेदन तैयार किए और उन्हें अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अब अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने उनके खिलाफ नागरिक दंड की कार्रवाई शुरू की है।अधिकारियों का आरोप है कि सूरज राज सिंह ने 54 अलग-अलग इमिग्रेसन मामलों में कुल 118 कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल किए। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कई आवेदनों में इस्तेमाल की गई भाषा, घटनाओं का विवरण और तथ्यों का उल्लेख लगभग एक जैसा था। यहां तक कि अलग-अलग आवेदकों द्वारा कथित उत्पीड़न की कहानी भी काफी हद तक समान पाई गई, जिससे अधिकारियों को दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ है।बता दें कि इन्हीं आरोपों के आधार पर इमिग्रेसन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने सूरज राज सिंह पर अधिकतम 4 लाख 70 हजार 584 अमेरिकी डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाने की मांग की है। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित राशि लगभग 4 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। हालांकि यह प्रस्तावित दंड है और अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।गृह सुरक्षा विभाग के महाधिवक्ता जेम्स पर्सिवल ने कहा कि कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन केवल आव्रजन व्यवस्था को कमजोर नहीं करते, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों के मामलों में भी देरी होती है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों के कारण गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान आव्रजन नियमों के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि गृह सुरक्षा विभाग ने बताया है कि यह कार्रवाई मई 2026 में जारी उस निर्देश के तहत की जा रही है, जिसमें कथित फर्जी शरण दावों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य आव्रजन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के दुरुपयोग को रोकना है।यह भी उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें किसी आव्रजन वकील के खिलाफ दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी को लेकर नागरिक दंड की कार्रवाई की गई है। इससे पहले जून 2026 में भारतीय मूल के एक अन्य आव्रजन वकील विनोद दोड्डमणि को भी कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन दाखिल करने के आरोप में 2 लाख 55 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक के प्रस्तावित जुर्माने का नोटिस जारी किया गया था।मौजूद जानकारी के अनुसार, सूरज राज सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां मामले की जांच और सुनवाई कर रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Manipur के Churachandpur में भारी बारिश से अचानक आई बाढ़, एक व्यक्ति लापता
    Next Article
    London में चीन के विवादित Super Embassy निर्माण को मिली अदालत से मंजूरी

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment