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    एबीवीपी नेता दीक्षांत समारोह से पहले हाउस अरेस्ट:आमंत्रण के बावजूद हुई कार्रवाई, विरोध के बाद रिहा किया

    1 hour ago

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    पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदेश संयोजक शानू सिंह को सोमवार सुबह करीब 5 बजे उनके जमैथा स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए विधिवत आमंत्रण पत्र भी जारी किया था। इसके बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। छात्रहित के मुद्दे उठाने को लेकर कार्रवाई का आरोप एबीवीपी का कहना है कि शानू सिंह लगातार विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था, छात्र समस्याओं, प्रशासनिक अनियमितताओं और छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते रहे हैं। परिषद का आरोप है कि इसी कारण उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से हाउस अरेस्ट किया गया। कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद हटाया गया हाउस अरेस्ट सुबह करीब 9 बजे एबीवीपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट की कार्रवाई वापस ले ली। परिषद का दावा है कि प्रशासन ने विरोध के दबाव में यह फैसला लिया। एबीवीपी ने प्रशासन की मंशा पर उठाए सवाल घटना के बाद एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। परिषद ने कहा कि यदि कुछ घंटों बाद ही हाउस अरेस्ट हटाना था, तो सुबह 5 बजे ऐसी कार्रवाई करने की क्या आवश्यकता थी। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि छात्रहित की आवाज़ से प्रशासन इतना भयभीत क्यों है और छात्र नेताओं को रोकने की जरूरत क्यों पड़ी। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। परिषद ने कहा कि छात्रहित की आवाज़ को हाउस अरेस्ट, दबाव या दमन से नहीं दबाया जा सकता। एबीवीपी ने दोहराया कि उसके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
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