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    फोटो खिंचवाने के चक्कर में लाइफ-जैकेट नहीं पहन रहे पर्यटक:छोटी नावों पर दिख रही लापरवाही, वाराणसी में 100 पुलिसकर्मी गंगा में करेंगे गस्त

    5 hours ago

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    वाराणसी में कुल 84 घाट है इन घाटों पर 3000 से 3500 छोटी बड़ी नाव का संचालन होता है। अस्सी घाट से नमो घाट तक जाने के लिए यात्रियों से 100 से 200 रुपए किराया लिया जाता है और अगर कोई उसे बुक करके ले जाना चाहता है तो उसको 2000 से 2500 रूपया देना होगा। इसके अलावा गंगा घाट में बड़ी देसी क्रूज भी चलती है जो नाविकों द्वारा तैयार किया गया है इस पर बैठने का किराया 300 रूपया प्रति व्यक्ति लिया जाता है। बनारस के गंगा घाट पर तीन तरह की नाव चलती है जिसमें सबसे पहले आता है बजडा जिस पर बैठने की क्षमता 50 से 60 रहती है। इसके बाद बड़ी मोटर बोट होती है जिसमें 80 लोग बैठ सकते हैं। फिर छोटी मोटर बोट पर 30 से 40 लोग और चप्पू वाली नाव पर अधिकतम 6 से 7 लोग बैठ सकते हैं और जो देसी क्रूज तैयार हुआ है उसे पर 100-150 लोग बैठ सकते हैं यह अलग अलग क्षमता के अनुसार भी बनाया गया है। पहले तीन फोटो में समझें कैसी है लापरवाही अब जानिए दैनिक भास्कर के पड़ता में क्या दिखा वाराणसी के गंगा घाट पर एक नाव में यात्री बैठ रहे थे हम भी यात्री बनाकर उस नाव में बैठे जहां सभी पर्यटकों को लाइफ जैकेट दिया गया लेकिन कुछ पर्यटक उसे पहनने से इनकार करते हुए दिखाई दिए। हालांकि नाविकों ने पुलिस चेकिंग का हवाला देते हुए उन्हें वह पहनाया। वहीं कुछ यात्रियों ने शिकायत किया कि जो जैकेट दी गई है वह मानक के अनुसार नहीं है उसमें बंद करने वाले बटन खराब है हालांकि हमारे सामने नाविक ने उन्हें दूसरा दे दिया। जब हम नव में बैठे तो उसे नाव में यात्रियों के बैठने की क्षमता 80 थी। लेकिन 50 लोगों को बैठने के बाद वह नव नमो घाट के लिए निकल पड़ी। नाव पर बैठे-बैठे हमने अन्य नाव को देखा जिसमें यात्री बैठे थे हमारी नजर एक छोटे मोटर बोट पर पड़ी जिस पर विदेशी पर्यटक बैठे थे लेकिन वह लाइफ जैकेट नहीं पहने थे। वहीं कुछ ना हो ऐसी भी थी जिसमें 50 प्रतिशत लोग लाइव जैकेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। अब जानिए नाविकों ने क्या बताया वाराणसी के अस्सी घाट पर नाव चलाने वाले अज्जू ने बताया कि लाइव जैकेट दो तरह की आती है एक 400 रूपया की एक 1200 रूपया की जिस नाविक की जितनी क्षमता होती है वह उसे हिसाब से लाइव जैकेट को खरीदा है वहीं उन्होंने यह भी बताया कि हम लोग जब से वृंदावन की घटना हुई है उसके बाद काफी अलर्ट है जो भी यात्री आते हैं उन्हें लाइफ जैकेट पहनाया जाता है। कुछ यात्री यहां वीडियो बनाने आते हैं उनको मना किया जाता है लेकिन वह नहीं मानते हैं। प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं— • गंगा में चलने वाली सभी नावों की नियमित जांच की जाएगी। • बिना लाइसेंस या पंजीकरण के कोई भी नाव संचालन नहीं कर सकेगा। • प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट और जरूरी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। • घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई है। • पुलिस द्वारा गंगा में लगातार पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। नाविकों के लिए नए नियम • एक नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर सख्त कार्रवाई होगी। • सभी नाविकों को वैध पहचान पत्र और लाइसेंस रखना अनिवार्य होगा। • खराब मौसम या तेज धारा की स्थिति में नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। • शराब या नशे की हालत में नाव चलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। • सभी को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य रहेगा। गंगा में 3 किलोमीटर होगी बैरिकेटिंग ACP अतुल अंजान ने कहा - श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जो उपाय हैं उसको व्यवस्थित कराया जा रहा है और यहां पर चलने वाले सभी नाव में बैठने वाले श्रद्धालु लाइफ जैकेट पहने चेकिंग के दौरान पाया गया की बहुत से श्रद्धालु पहले जैकेट पहनते हैं और फिर फोटो खींचने के चक्कर में उसे निकाल देते हैं इस पर सख्त निगरानी की जा रही है। जहां भी गहरे पानी है वहां पर हम लोगों ने बोर्ड लगवाए है। गंगा में कुल तीन टीम लगाई गई है जो लगातार चेकिंग कर रही है जो भी नाविक गलत नियमों से नाव चलाते हुए पाया गया उसे तत्काल सीज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए 3 किलोमीटर की बेरीकेटिंग की जाएगी।
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