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    फतेहपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 की मौत:मृतकों में 4 भाई, 15 घरों में दरारें, पड़ोसी बोले- जैसे बम फटा हो

    6 hours ago

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    यूपी के फतेहपुर में सोमवार शाम हुए सिलेंडर ब्लास्ट में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। गैस सिलेंडर ब्लास्ट से फल विक्रेता का 2 मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। जबकि फल विक्रेता और उसके भतीजे समेत 3 बुरी तरह झुलस गए। घटना शाम करीब 5 बजे की है। खाना बनाते समय मकान में आग लग गई। परिवार की महिलाएं चीखते हुए बाहर भागीं। तभी घर में रखे 2 गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि 200 मीटर दूर तक भूकंप जैसा झटका लगा। पड़ोस में बने 2 मकान भी जमींदोज हो गए। गनीमत रही कि इन दोनों मकानों में कोई नहीं था। आसपास के 10 से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन जिन मकानों में विस्फोट हुआ, वह संकरी गली में थे। इस कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाई। तब बुलडोजर को बुलाया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड के 16 कर्मचारियों ने आस-पास के लोगों की मदद ली। फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने लोगों की मदद से मलबे में दबे 8 लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां सुरेश के बेटे कुनाल (19 साल), भतीजे वेद (14 साल) यश (8 साल) और अर्पित (15 साल) ने दम तोड़ दिया। जबकि भतीजे आलोक गुप्ता (23 साल) की देर रात करीब 9:30 बजे मौत हुई है। वह करीब 90 फीसदी झुलस गया था। हादसे में खुद सुरेश गुप्ता (50 साल), उनका भतीजा ओम (7 साल) और भतीजी शिवानी (23 साल) घायल हैं। हादसे की 3 तस्वीरें… अब विस्तार से पढ़िए… यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर मलवां कस्बे में हुआ। यहां रहने वाले सुरेश गुप्ता फल विक्रेता हैं। उसका 1000 स्क्वायर फीट में मकान है। परिवार में पत्नी पूजा देवी और बच्चों समेत 7 लोग थे। सोमवार शाम परिवार की महिलाएं खाना रही थीं। उस वक्त घर में 4 गैस सिलेंडर रखे थे। इनमें 2 खाली और 2 भरे थे। किसी सिलेंडर से गैस लीक हो रही थी। लेकिन, महिलाओं ने ध्यान नहीं दिया। जैसे ही चूल्हा जलाया गया, रसोई में आग लग गई। इस पर महिलाएं चीखते हुए घर से बाहर भागीं। उन्होंने शोर मचाया। तभी 2 सिलेंडरों में तेज विस्फोट हो गया। जिससे सुरेश का पूरा मकान जमींदोज हो गया। धुएं का गुबार आसमान में छा गया। लखनऊ से पहुंची SDRF की टीम हादसे के बाद देर रात लखनऊ से SDRF की टीम पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। घर तक जेसीबी ले जाने के लिए कई घरों के चबूतरे को तोड़कर घटना स्थल तक जेसीबी मशीन पहुंची। धमका इतना तेज था कि करीब आस पास के 15 घरों में दरार आई है। जिला अग्निशमन अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि घर पर रखे गैस सिलेंडर किस गैस एजेंसी का है, ये जांच की जा रही है। क्योंकि इसके पहले भी एक हादसा गैस सिलेंडर लीकेज होने से आग लगी थी। धमाके में पड़ोसियों के 4 मकानों को नुकसान पहुंचा धमाके में सुरेश गुप्ता के पड़ोसी महेश सिंह, प्रदीप सिंह का पूरा मकान ढह गया। जबकि अनमोल सिंह और रूपा सिंह के घरों की दीवारें ढह गईं। हादसे के समय महेश और प्रदीप के परिवारों के सदस्य घर के बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 200 मीटर दूर तक गिरी बाउंड्रीवॉल मलवां कस्बे में रहने वाले नवीन शुक्ला ने बताया, सुरेश गुप्ता का मकान हाईवे से करीब 100 मीटर दूर गली में है। आसपास के 10 से 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। ब्लास्ट में कई मकानों की छतें और लेंटर टूट गए, जबकि कुछ मकान पूरी तरह ढह गए। मकान से करीब 200 मीटर दूर तक की बाउंड्रीवॉल भी गिर गई। इससे आप धमाके की तीव्रता का अंदाजा लगा सकते हैं। घटना के समय मकान में 9 से 10 लोग थे। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के लोग दहशत में हैं। प्रशासन के साथ NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। पड़ोसी बोले- जैसे कोई बम फटा हो ब्लास्ट में सुरेश के पड़ोसी महेश का भी मकान जमींदोज हो गया। सुरेश ने बताया- हादसे के वक्त हमारे परिवार के लोग बाहर बैठे हुए थे। तभी भी अचानक इतना तेज धमाका हुआ जैसे कोई बड़ा बम फटा हो। जब तक हम लोग कुछ समझ पाते तबतक सुरेश और मेरा मकान धमाके की चपेट में आकर टूट गया। 2 और तस्वीरें देखिए… एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया- मलबे से 7 लोगों को निकाला गया था। इनमें से 4 की मौत उसी समय अस्पताल में हो गई। एक व्यक्ति 90% से ज्यादा झुलसा था। उसने रात को दम तोड़ दिया। मकान मालिक सुरेश समेत दो लोगों का इलाज चल रहा है। मलबा हटाया जा रहा है। हादसे की जांच की जा रही है। ------ ये खबर भी पढ़ें नीले ड्रम वाली मुस्कान को सजा-ए-मौत मिलेगी या रिहाई?:सौरभ हत्याकांड की फैसले की घड़ी आई; 22 लोगों की गवाही बने सबूत तारीख- 3 मार्च, 2025 क्राइम- सौरभ हत्याकांड जगह- मेरठ यह केस पूरे देश में 'नीला ड्रम' की वजह से मशहूर हुआ। सौरभ राजपूत की लाश उनके ही घर में नीले ड्रम में मिली थी। अब इस हत्याकांड में फैसले की घड़ी आ गई है। 126 तारीखें, 22 से अधिक गवाहों के बयान के बाद कल यानी 30 सितंबर को मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा अपना फैसला सुनाएंगे। पूरी खबर पढ़ें
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