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    गोंडा में पुरुषों ने किया आंगनबाड़ी पदों के लिए आवेदन:परसपुर,बेलसर और मुजेहना ब्लॉक से आवेदन, सभी ब्लॉकों में जांच के आदेश

    19 hours ago

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    गोंडा में आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकत्री पदों पर भर्ती के लिए पुरुषों द्वारा आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन पदों पर महिलाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। जिले में 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कुछ आवेदन पुरुषों के भी हैं। पुरुषों के आवेदन सामने आने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा। सीडीओ के आदेश पर अब तक तीन पुरुष आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। ये आवेदन परसपुर, मुजेहना और बेलसर ब्लॉक से प्राप्त हुए थे। आवेदन फॉर्म में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि ये पद केवल महिलाओं के लिए हैं। नियमों का उल्लंघन कर पुरुषों द्वारा आवेदन किए गए थे। निरस्त किए गए आवेदकों को भविष्य में इस तरह के आवेदन न करने की सख्त हिदायत दी गई है। अब गोंडा जिले के सभी 16 विकास खंडों में प्राप्त आवेदनों की दोबारा जांच की जा रही है,ताकि यह पता चल सके कि कितने पुरुषों ने इन महिला-आरक्षित पदों के लिए आवेदन किया है।जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और सहायिका दोनों पदों के लिए लगभग 5,000 फॉर्म प्राप्त हुए थे। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए शीर्ष पांच आवेदकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विज्ञापन में और सामान्य जानकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और सहायिका के पद महिलाओं के लिए ही होते हैं। यहां तक कि हमारे विभाग में मुख्य सेविका,जिसे सुपरवाइजर बोला जाता है वो भी महिला अभ्यर्थी होती है। ​लेकिन परसपुर से और एक-दो जगह से और, पुरुष आवेदकों के भी आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं जो आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री अथवा सहायिका के पद पर चयन के लिये पात्र नहीं हैं। शासनादेश इसमें 18 से 35 वर्ष के मध्य की महिलाओं की बात कर रहा है इसमें पुरुष नहीं हैं। ​अब यह तो हम नहीं बता सकते कि पुरुष ने गलती से किया है या जानबूझकर किया है।लेकिन चूंकि ये पद महिलाओं के लिए रिक्त है,अत उनके आवेदन पत्र पर विचार किया जाना ही संभव नहीं है।
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