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    'गलगोटिया वाले कुत्ता खोज लाए' सुनकर खिलखिलाए योगी:नेता प्रतिपक्ष बोले-ऐसी यूनिविसिर्टी शिक्षा के लिए नहीं, कानून बनाइए

    7 hours ago

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    यूपी विधानसभा के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने निजी स्कूल-कॉलेजों की फीस का मुद्दा उठाते हुए कहा- एक कानून लाइए जिससे स्कूल-कॉलेज की फीस तय हो। वरना गलगोटिया जैसी स्थिति होगी। वो तो न जाने से कहां से कुत्ता खोज लाए हैं और कहा हमने बनाया है। इस पर सीएम योगी सहित पूरा सदन हंसने लगा। दरअसल, AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चाइना मेड एक रोबोट का प्रदर्शन अपने स्टॉल पर किया था और दावा किया था कि इसे उनकी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने बनाया है। पोल खुलने के बाद सरकार ने समिट से यूनिवर्सिटी को बाहर कर दिया था। उधर, विधानसभा के बाद अब विधान परिषद में भी अधिकारियों द्वारा विधायकों का फोन नहीं उठाने का मामला उठाया गया। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि डीएम फोन नहीं उठाते, जबकि उनके अर्दली फोन रिसीव कर बहस करने लगते हैं। इस पर एक अन्य एमएलसी उमेश द्विवेदी का भी दर्द झलक उठा। उन्होंने कहा कि उन्होंने पांच बार फोन किया, लेकिन हर बार बताया गया कि मैडम व्यस्त हैं। जासमीर अंसारी ने कहा कि विपक्ष की बात तो अलग है, हमारे यहां तीन विधायकों और एक मंत्री को अधिकारियों के खिलाफ धरना देना पड़ा। सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि जब उन्होंने बिजली विभाग के एमडी को फोन किया तो पीआरओ ने खुद को एमडी बताकर बात की। शक होने पर पूछने पर बताया गया कि एमडी साहब से बात नहीं हो सकती। डिप्टी सीएम ने कहा- वह स्वयं अधिकारियों को फोन कर बात करेंगे। मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आशुतोष सिन्हा के सवाल पर कहा- प्रयागराज और कुशीनगर में मदरसे में नोट छापे जा रहे थे। बहराइच में मदरसे में वीआईपी होटल बनाकर विदेशियों को ठहराया जा रहा था। क्या जांच नहीं हो। इसके पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव हमारे पूर्व मुख्यमंत्री हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ही रहेंगे। वहीं, आशुतोष सिन्हा ने अखिलेश की सुरक्षा कर्मियों की सूची मांगी तो सभापति ने टिप्पणी करते हुए कहा-क्या आप अटेंडेंस लेंगे? भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के सवाल का जवाब देने के दौरान संबंधित मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। सभापति ने दो बार उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का नाम पुकारा। मंत्री की अनुपस्थिति में केशव मौर्य ने लिखित जवाब पढ़ा। जब मंत्री पहुंचे और आगरा से सीधे आने की बात कही तो सभापति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता। उधर, विधानसभा में विधायक रागिनी सोनकर ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निकाले जाने का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। महंगाई के मुद्दे पर सपा विधायक आशु मलिक कविता पढ़ने लगे, जिस पर स्पीकर सतीश महाना ने टोकते हुए कहा-प्रश्न पूछिए, सदन में कुछ भी मत बोलिए। शुक्रवार को विधानसभा में क्या-क्या हो रहा? जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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