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    गलत ऑपरेशन के बाद क्लीनिक को क्लीन चिट:सिद्धार्थनगर में बच्चे की मौत का मामला, डॉक्टरों के नाम का लगा बोर्ड

    16 hours ago

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    सिद्धार्थनगर में अवैध रूप से संचालित बताए जा रहे श्री साईं फार्मा क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत और महिला के कथित गलत ऑपरेशन के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी हो गई है। लेकिन जांच रिपोर्ट ने न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित परिवार को बड़ा झटका दिया है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में क्लीनिक और संबंधित आशा कार्यकर्ता को राहत देते हुए कहा कि क्लीनिक पर “डॉक्टरों के नाम का बोर्ड लगा था, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।” इसी आधार पर मामले को बंद कर दिया गया। लापरवाही से गई बच्चे की जान पीड़ित आशीष ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी का प्रसव श्री साईं फार्मा क्लीनिक में कराया गया। वहां कथित लापरवाही के चलते उसके बच्चे की मौत हो गई और उसकी पत्नी का गलत ऑपरेशन कर दिया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर त्रुटि हुई, जिससे महिला की शारीरिक स्थिति आज भी सामान्य नहीं हो सकी है। डीएम के निर्देश पर बनी थी जांच टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से टीम गठित कर क्लीनिक और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। हालांकि रिपोर्ट सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या जांच निष्पक्ष थी या केवल औपचारिकता पूरी की गई। रिपोर्ट में जिम्मेदारी तय नहीं जांच टीम ने न तो बच्चे की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराया और न ही महिला के गलत ऑपरेशन के आरोपों की गहन पड़ताल की। जिस क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन पर पहले से सवाल थे, उसे केवल “भ्रम फैलाने वाला बोर्ड” बताकर मामले से अलग कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि डिलीवरी और ऑपरेशन इसी क्लीनिक में हुआ था, लेकिन जांच रिपोर्ट में इस तथ्य को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया गया। सीएमओ की भूमिका पर भी सवाल इस पूरे प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रश्न यह है कि जब क्लीनिक के संचालन और वहां हुए इलाज को लेकर गंभीर आरोप थे, तो जांच को केवल बोर्ड तक सीमित कर क्यों समाप्त कर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रजत कुमार चौरसिया ने कहा कि जांच रिपोर्ट में जांच टीम ने केवल क्लीनिक पर बोर्ड लगने की बात कही है। जिससे भ्रम फैलाया जा सकता है। महिला का ऑपरेशन कहां हुआ। बच्चे की मौत कहां हुई। इस पर सीएमओ ने कहा कि अभी मैं जांच रिपोर्ट पढ़ा नहीं हूं, पढ़कर बताऊंगा।
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