Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोरखपुर की मस्जिद में रमजान पर परिचर्चा आयोजित:इबादत और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील

    6 hours ago

    1

    0

    गोरखपुर में रमजान के आगाज से पहले शहर के जाफरा बाजार स्थित सब्जपोश हाउस मस्जिद में शुक्रवार को परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में रमजान के महत्व, रोजे की इबादत, सब्र और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से बात रखी गई। परिचर्चा की शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद हम्द और नात-ए-पाक पेश की गई। कार्यक्रम का संचालन हाफिज रहमत अली निजामी ने किया। रूह की पाकीजगी का महीना रमजान मुख्य वक्ता मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि इंसान जिस्म और रूह से मिलकर बना है। साल भर इंसान दुनियावी जरूरतों पर ध्यान देता है, लेकिन रमजान का महीना रूह की तरबियत और पाकीजगी का अवसर देता है। अल्लाह ने इस महीने को रहमत और बरकत से भरपूर बनाया है। सब्र का बदला जन्नत मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि रमजान सब्र का महीना है और सब्र का बदला जन्नत है। रोजे इंसान को अपनी गलतियों को सुधारने, तौबा करने और अच्छाइयों को अपनाने का मौका देते हैं। इस महीने की इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि रमजान में की गई नेकी का सवाब ऐसा होता है जैसे फर्ज अदा किया गया हो। वहीं इस महीने फर्ज अदा करने पर दूसरे महीनों की तुलना में कई गुना अधिक सवाब मिलता है। रमजान में मोमिन का रिज्क भी बढ़ा दिया जाता है। रोजेदारों की मदद पर जोर मुफ्ती ने कहा कि जो शख्स किसी रोजेदार को इफ्तार कराता है, उसके गुनाह माफ कर दिए जाते हैं और उसे जहन्नम की आग से निजात मिलती है। उन्होंने हकदार मुसलमानों की जकात, सदका और फित्रा से मदद करने की अपील की। परिचर्चा के अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़ा गया और देश में शांति, तरक्की और भाईचारगी के लिए दुआ मांगी गई। कार्यक्रम के बाद शीरनी बांटी गई। परिचर्चा में शहर के कई गणमान्य लोग और समाज के सदस्य मौजूद रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भतीजी के रेप में चाचा को 20 साल की सजा:झांसी में नाबालिग को उसके घर छोड़ने के बहाने अपने सूने घर में ले गया था
    Next Article
    वैदिक परंपरा के साथ मनाया गया महर्षि दयानंद सरस्वती जन्मोत्सव:कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित कविताएं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment