Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोरखपुर में सीडीआर देखकर डॉक्टर का छूटा पसीना:बोले आवाज हमारी, वायरल ऑडियो पुराना है....हिस्ट्रीशीटर से पुराना याराना

    2 hours ago

    1

    0

    कैंट थाना क्षेत्र स्थित मानसी अस्पताल के संचालक डॉ. पंकज दीक्षित से कथित रंगदारी प्रकरण में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके बाद उन्होंने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान लेनदेन से जुड़े पहलुओं के सामने आने पर अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। डॉ. दीक्षित ने अपने बयान में वायरल हो रहे ऑडियो को पुराना बताया। उनका कहना है कि ऑडियो उस समय का है जब वह आरोपी के साथ पहले काम कर चुके थे। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों के बीच पूर्व में पेशेवर संबंध रहे हैं, लेकिन वर्तमान विवाद का कारण रंगदारी की मांग है। वहीं पुलिस ने सीडीआर निकलवाया है। जिससे बातचीत के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। सीडीआर देखकर डॉक्टर का भी पसीना छूट गया। डॉक्टर के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और साथ काम भी कर चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जांच में दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार के लेनदेन की बात भी सामने आई है। इसी कारण डॉक्टर पहले बयान दर्ज कराने में हिचकिचा रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और लेनदेन तथा रंगदारी की मांग, दोनों पहलुओं को गंभीरता से परखा जा रहा है। डॉ. पंकज दीक्षित ने कैंट थाने में 15 लाख रुपये रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि रकम न देने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। वहीं, पुलिस वायरल ऑडियो की सत्यता की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बातचीत का संदर्भ क्या था और विवाद की असली वजह क्या है। यह है मामला गोरखपुर के मानसी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर पंकज दीक्षित ने 16 फरवरी को FIR दर्ज कराई। आरोप लगाया कि मुझसे हिस्ट्रीशीटर 15 लाख की रंगदारी मांग रहा है। सिर्फ 24 घंटे के अंदर एक ऑडियो सामने आने से पूरे मामले ने यूटर्न ले लिया। इसमें 2 तरह की सेटिंग खुलकर सामने आई। पहली- मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कराना। दूसरा- बिहार बॉर्डर के मरीजों को गोरखपुर के हॉस्पिटल तक लाने के बदले कमीशन देने का। डील भी लाखों में होती हैं। ऑडियो में एक तरफ डॉक्टर, दूसरी तरफ बिहार का मरीज माफिया भैइयाजी हिस्ट्रीशीटर। कमीशन के बदले मरीजों को लेकर आने वाले एंबुलेंस सर्विस के मालिक को भलाबुरा कर रहे हैं। कहते हैं- बिट्‌टू खान को 20 लाख दिए हैं, ऐसे थोड़े छोड़ देंगे। जब पुलिस ने हॉस्पिटल के बंद कमरे में डॉ. पंकज कुमार दीक्षित को ये ऑडियो सुनाया। तब उन्होंने कबूल किया कि ऑडियो में एक आवाज उनकी है। अब कैंट थाने की पुलिस बिहार के मरीज माफिया की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने कहा- डॉक्टर की मेडिकल डिग्री की छानबीन की जा रही है। उनके बैंक अकाउंट की भी जांच हो रही है। पहले ऑडियो की बातचीत पढ़िए… (पुलिस ने इस ऑडियो को बंद कमरे में डॉक्टर को सुनाया। इसके बाद डॉक्टर ने स्वीकार किया कि उनकी आवाज है, हालांकि अधिकारियों ने अभी सार्वजनिक रूप से इसको स्वीकार नहीं किया है। ) ऑडियो में 3 किरदार कौन? राहुल शर्मा : पुलिस रिकॉर्ड में ये एक हिस्ट्रीशीटर है। बिट्टू खान : ये मरीजों का दलाल है, कमीशन के लिए बिहार साइड के मरीजों को हॉस्पिटल तक पहुंचाता है। भईयाजी : पुलिस इस शख्स को ट्रेस नहीं कर सकी है, राहुल को पकड़ने के बाद भईयाजी के बारे में फैक्ट सामने आ सकेंगे। अब कहानी शुरू से जानिए 12 फरवरी : रात में डॉक्टर को धमकी डॉ. पंकज कुमार दीक्षित सहबाजगंज शिवपुर के जंगल सालिकराम के रहने वाले हैं। मौजूदा वक्त में छात्रसंघ चौक पर मानसी हॉस्पिटल चलाते हैं। 16 फरवरी को डॉक्टर ने SSP को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें लिखा- 12 फरवरी की रात 10:46 बजे मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राहुल शर्मा बताया। उसने बोला कि मैं हिस्ट्रीशीटर हूं। 15 लाख रुपए नहीं दिए तो छात्रसंघ चौराहा और पादरी बाजार में चलने वाले हॉस्पिटल को बंद करा दूंगा। तुम और तुम्हारे पूरे परिवार को मार डालेंगे। डॉक्टर ने आगे लिखा- इस धमकी के बाद मैं डर गया, इसलिए पुलिस को सूचना नहीं दी। दो दिन बाद 14 फरवरी की रात 11:32 बजे दोबारा उसी नंबर से काल आया। इस बार हिस्ट्रीशीटर ने और आक्रामक लहजे में धमकी दी। कहा- अगर रुपए देने में आनाकानी की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। डॉक्टर ने अधिकारी से कहा- लगातार मिल रही धमकियों से मेरा परिवार डरा हुआ है। देर रात फोन आते हैं। वो लोग गालियां देते हैं। हम लोग डरे हुए हैं। कैंट थाने में राहुल शर्मा को नामजद करते हुए FIR लिखी गई। रंगदारी केस का यूटर्न राहुल और मोबाइल को ट्रेस करने में ऑडियो मिला अब कैंट थाने की पुलिस मोबाइल नंबर और राहुल शर्मा को ट्रेस करने लगी। इस छानबीन में पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस को एक ऑडियो मिला। इसमें डॉक्टर का मरीज माफिया से कनेक्शन सामने आया। इस ऑडियो को सुनने के बाद पुलिस समझ गई कि ये मामला गोरखपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल्स के बीच की प्रतिस्पर्धा और बाहर से मरीजों को रेफरल सिस्टम में भिजवाने के एवज में वसूली जाने वाली रकम का है। बिट्‌टू खान कमीशन पर लाता है मरीज छानबीन में पता चला कि डॉ. पंकज पहले अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान की एंबुलेंस सर्विस का उपयोग करते थे और इसके बदले कमीशन का भुगतान करते थे। लेकिन हाल के दिनों में बिट्टू ने मरीजों को मानसी अस्पताल के बजाय सान्वी अस्पताल में भेजना शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक दबाव में रखा जाता है। उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में उनका मरीज सुरक्षित रहेगा। वहां बेहतर इलाज मिलेगा। एजेंट और एंबुलेंस चालकों के लिए अस्पताल के बिल का 30 प्रतिशत हिस्सा कटता है। कई बार नॉन-क्वालिफाइड डॉक्टर भी खुलेआम इलाज करते हैं। जबकि रजिस्टर्ड डॉक्टर भी इस व्यवस्था में शामिल होते हैं। जिन डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन होते हैं, उन्हें इस नेटवर्क में शामिल होने के बदले लाखों रुपए मिलते हैं। डॉक्टर ने बात नहीं की गोरखपुर के मेडिकल सेक्टर के बड़े रैकेट की कड़ियां पुलिस भले ही जोड़ रही हो, मगर उससे पहले हमने डॉ. पंकज से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। हॉस्पिटल में उनके स्टाफ ने कहा कि डॉक्टर नहीं हैं। इसके बाद शाम को 4.20 बजे, फिर 8.16 बजे डॉक्टर को कॉल की गई। उन्होंने दोनों बार कॉल नहीं उठाई। पुलिस को भईयाजी की तलाश SP सिटी बोले- भइयाजी को जल्द सामने लाएंगे इस पूरे मामले में SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- ऑडियो में डॉक्टर ने अपनी आवाज को लेकर बहुत साफ कुछ नहीं बताया है। इसलिए हो सकता है कि हम वॉयस सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। दूसरी तरफ, जो व्यक्ति बात कर रहा है। उसके बारे में पता कर लिया गया है। उसका बयान लिया जाएगा। इसके बाद सामने आएगा कि डॉक्टर सच बोल रहे हैं या झूठ। डॉक्टर की मेडिकल डिग्री की भी जांच की जा रही है। आगे जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नया टोल फ्री नंबर जारी:हापुड़ में अब अब घर बैठे मिलेगी स्मार्ट कार्ड, DL की जानकारी
    Next Article
    लखनऊ में दिन का तापमान 31 डिग्री तक पहुंचेगा:सुबह 18 डिग्री से शुरुआत, अगले छह दिन लगातार बढ़ोतरी के आसार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment