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    गौरव गोगोई का Amit Shah पर हमला: कुंभकर्ण जैसी नींद में थे Home Minister, संसद से नदारद रहे

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    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 13 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की क्योंकि वे संसद के मॉनसून सत्र के ज़्यादातर समय मौजूद नहीं थे। गोगोई ने कहा कि शाह सत्र खत्म होने से सिर्फ़ दो दिन पहले ही अपनी 'कुंभकर्ण जैसी नींद' से जागे। गोगोई ने सवाल उठाया कि शाह ने असल बहसों में हिस्सा क्यों नहीं लिया, खासकर तब जब विपक्ष जंतर-मंतर पर 20 जुलाई की रैली के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर उनका बयान चाहता था। इसे भी पढ़ें: खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' पर बवाल: Priyanka Gandhi ने पूछा - यह कैसी Politics?प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए गोगोई ने कहा कि गृह मंत्री 15 दिनों तक गायब रहे और सत्र खत्म होने से दो दिन पहले अपनी 'कुंभकर्ण जैसी नींद' से जागे, यह दावा करते हुए कि वह चर्चा के लिए तैयार हैं। जब असल चर्चा हो रही थी, तब आप कहाँ थे? सभी लोग अपनी राय दे चुके थे; बस आपके बयान का समय था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह और बातचीत की बात इसलिए कर रही है ताकि गृह मंत्री को विपक्ष की मांगों का जवाब देने से रोका जा सके। गोगोई ने कहा कि लेकिन उन्होंने बयान देने से टाल-मटोल की और बार-बार और बातचीत की मांग की - यह सिर्फ़ सदन से दूर रहने और अपनी ज़िम्मेदारियों से बचने का बहाना था। आख़िरकार, जब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो रही थी, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री वहाँ पहुँचे; उन्होंने स्पीकर का संबोधन तक नहीं सुना।गोगोई ने यह भी दावा किया कि मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार डरी और सहमी हुई थी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह संसदीय कार्यवाही से पूरी तरह नदारद और दूर रहे। उन्होंने कहा कि हमने कई सत्र देखे हैं, लेकिन किसी भी सत्र में सत्ताधारी सरकार को इतना डरा और सहमा हुआ कभी नहीं देखा, जितना इस बार देखा है। शायद यह पहला ऐसा सत्र है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन की कार्यवाही से पूरी तरह नदारद और दूर रहे। इसे भी पढ़ें: CJP Meeting रद्द होने पर Dipke का फूटा गुस्सा, BJP पर Hall मालिकों को धमकाने का लगाया आरोपगोगोई के मुताबिक, सरकार पूरे सेशन के दौरान बैकफुट पर रही और इन मुद्दों से बचना चाहती थी, ऐसा लग रहा था कि वह सदन से भाग रही है। गोगोई की ये बातें 12 अगस्त को अमित शाह के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक से जुड़े छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर संसद में सभी सवालों के जवाब देने के लिए अपनी तैयारी जताई थी। शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कहा कि वे चर्चा के लिए समय तय करने के लिए विपक्ष से बातचीत करें। स्पीकर को लिखे एक पत्र में शाह ने बताया कि पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर सेशन के दौरान पहले ही चर्चा हो चुकी थी और उस समय विपक्ष के किसी भी सदस्य ने NEET परीक्षा का मुद्दा नहीं उठाया था। उन्होंने आगे कहा कि फिर भी, सरकार इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा करने के लिए तैयार है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
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