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    गुस्से में राबड़ी देवी, आवास से सारी सुरक्षा हटाई:सभी पुलिसकर्मियों को बंगले से लौटाया; तेजस्वी ने भी अपनी Y+ सुरक्षा वापस की

    22 hours ago

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    बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार सुबह अपने आवास से सारी सुरक्षा हटा दी। यहां तक की बंगले के बाहर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को भी लौटा दिया है। जिसके बाद अब राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। राबड़ी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को वापस कर दिया है। तेजस्वी आज ही दिल्ली से पटना लौट रहे हैं। RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने इसकी जानकारी दी है। दरअसल, 2 दिन पहले बिहार सरकार ने लालू परिवार की सुरक्षा घटा दी। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली थी। सरकार के इस फैसले से राबड़ी देवी नाराज थीं। राबड़ी-लालू की Z+ सुरक्षा वापस ली गई, तेजप्रताप की सिक्योरिटी में भी कटौती 4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर लालू परिवार की सुरक्षा घटाई गई थी। लालू-राबड़ी की सुरक्षा अब कैसी होगी राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 3 महिला अंगरक्षक (सादे कपड़ों में), 3 अंगरक्षक (वर्दीधारी), HQRT से पायलट, बुलेट प्रूफ कार और स्कार्ट और पायलट दिए गए हैं। वहीं, लालू यादव को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 2 अंगरक्षक, HQRT से पायलट-बुलेट प्रूफ कार मिली है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद मीसा भारती को सुरक्षा नियमों के तहत 3 बॉडीगार्ड उपलब्ध रहेंगे। वहीं, राजश्री यादव को पटना जिला बल की ओर से एक महिला अंगरक्षक की सुविधा दी जाएगी। अब राबड़ी आवास का पूरा मामला समझिए आवास को लेकर भी चल रहा विवाद सुरक्षा कटौती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लालू परिवार और राज्य सरकार के बीच सरकारी आवास को लेकर विवाद चल रहा है। हाल ही में भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। सरकार ने राबड़ी देवी के नाम पर 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन परिवार अभी तक वर्तमान आवास छोड़ने को तैयार नहीं है। राबड़ी देवी ने कहा था- फोर्स बुलाकर जबरन हमें यहां से हटा दें जैसे ही 29 मई को सरकार का ताजा नोटिस राबड़ी आवास पहुंचा, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, '10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।' सम्राट बोले- बंगला खाली करने से कोई माई लाल नहीं रोक सकता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, 'कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।' CM ने कहा था- बंगला किसी की बपौती नहीं है CM सम्राट चौधरी ने कहा था कि बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। तेजप्रताप बोले- भाषा की मर्यादा रखिए तेजप्रताप यादव ने कहा था- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, खासकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है।
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