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    गड़ावर में वेद पाठी बटुक सम्मान समारोह आयोजित:सपा नेता ने प्रयागराज में बटुकों के अपमान पर विरोध जताया

    7 hours ago

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    सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र स्थित गड़ावर गांव में 22 फरवरी रविवार शाम को वेद पाठी बटुक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रज्जन पांडेय ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, विद्वान, ग्रामीण और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह के दौरान 101 वेद पाठी बटुकों को अंगवस्त्र और पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने सनातन परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा देने वाले ज्ञान का आधार हैं और ऐसे आयोजन युवाओं में संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाते हैं। वक्ताओं ने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि वेद पाठी बटुकों का सम्मान समाज के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने भी इस आयोजन की सराहना की, इसे सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने वाला बताया। इस अवसर पर सपा नेता रज्जन पांडेय ने हाल ही में प्रयागराज में हुई घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वेद पाठी बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार निंदनीय है। पांडेय ने संत समाज और बटुकों का अपमान अस्वीकार्य बताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रज्जन पांडेय ने यह भी कहा कि सनातन परंपरा में बटुक पूजन का विशेष महत्व है और यह हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी बटुक पूजन कर सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जब राज्य के उच्च पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि स्वयं बटुक पूजन कर रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि वेद पाठी छात्रों का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार के प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से बटुक पूजन करते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रयागराज में बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं है और प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में वैदिक मंत्रोच्चार, आशीर्वचन एवं प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपरा पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने आयोजक रज्जन पांडेय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि वेद पाठी बटुकों का सम्मान भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता और सनातन परंपरा के प्रति आस्था को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।
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