Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हाईकोर्ट का राज्य सरकार को आदेश:कस्टडी में मौत पर मुआवजा गाइडलाइंस बनाएं, पीलीभीत मामले में 10 लाख दें

    2 hours ago

    1

    0

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को कस्टडी में होने वाली मौतों के मामलों में मृतक के परिवार को मुआवजा देने के लिए गाइडलाइंस बनाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने पीलीभीत के एक मामले में मृतक बंदी के परिवार को तीन सप्ताह के भीतर दस लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ़ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने पीलीभीत जिला जेल में एक नाबालिग बंदी की अप्राकृतिक मृत्यु से संबंधित याचिका पर दिया। याचिका के अनुसार, वर्ष 2016 में पीलीभीत के पूरनपुर थाने की पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। वह लगभग तीन साल दस महीने तक कारावास में रहा। जमानत मिलने के बाद वह विचारण न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो सका, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी वारंट पर उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 20 फरवरी 2024 को उसकी जेल में मृत्यु हो गई। मजिस्ट्रेट जांच में पाया गया कि बंदी ने आत्महत्या की थी। हालांकि, न्यायालय ने टिप्पणी की कि मृतक की मृत्यु राज्य प्राधिकारियों की अभिरक्षा और नियंत्रण में हुई, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा, "हिरासत में यातना मानव गरिमा का उल्लंघन है, जो पीड़ित के आत्मसम्मान और अस्तित्व को मूल से नष्ट कर देती है। जब भी मानव गरिमा आहत होती है, सभ्यता एक कदम पीछे चली जाती है।" कोर्ट ने आगे कहा कि जांच प्रणाली से यातना को समाप्त करने की सिफारिशों के बावजूद, पुलिस हिरासत और जेलों में यातना एवं मृत्यु की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। हिरासत में हिंसा और मौतें विधि के शासन की मूल भावना पर प्रहार हैं। दोनों के बीच एक मिनट तक पकड़ा-धकड़ी चलती रही थी। रीता ने मदद के लिए शोर मचाया था। पड़ोसी दौड़े, अपने को घिरता देख चैन स्नैचर युवक ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे रीता सड़क पर गिर गई थीं। आरोपी मौका पाकर वह भाग निकला था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    काजी की गिरफ्तारी पर लखनऊ हाईकोर्ट ने लगाई रोक:केजीएमयू धर्मांतरण मामले में मिली अंतरिम राहत
    Next Article
    'कृपया मुझे गिफ्ट न दें', भारती सिंह ने हाथ जोड़कर फैंस से उपहार न देने की अपील, बताई वजह

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment