Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हिला डालेंगे पूरी धरती, विनाश मचेगा! Kim Jong Un की बहन ने दी Donald Trump को सीधी चेतावनी, अमेरिका रोकेगा सैन्य अभ्यास?

    3 hours from now

    1

    0

    उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी का रास्ता केवल विनाश की ओर जाता दिखता है। किम जोंग उन की बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली बहन, किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। 'फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास के विरोध में उतरे प्योंगयांग ने साफ कर दिया है कि अगर उत्तर कोरिया की संप्रभुता को रत्ती भर भी छूने की कोशिश की गई, तो उसका जवाब "भयानक और घातक" होगा।किम जोंग उन की बहन की अमेरिका को सीधी चेतावनी उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी रखने की आलोचना करते हुए कहा है कि यह कदम वैश्विक सुरक्षा के लिए संवेदनशील समय में उठाया गया है और उत्तर कोरिया की सुरक्षा को किसी भी तरह की चुनौती “भयानक परिणाम” ला सकती है। किम यो जोंग का यह बयान मंगलवार को उस समय आया जब सहयोगी देशों ने एक दिन पहले हजारों सैनिकों की भागीदारी वाले 11 दिन के ‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत की थी। इसी दौरान अमेरिका इजराइल के साथ पश्चिम एशिया में ईरान के साथ युद्ध भी कर रहा है।वैश्विक सुरक्षा ढह रही है, सैन्य अभ्यास के होंगे भयानक परिणाम  ईरान का सीधे उल्लेख किए बिना किम ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास ऐसे समय क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करता है जब वैश्विक सुरक्षा ढांचा “तेजी से ढह रहा है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध हो रहे हैं।” ‘फ्रीडम शील्ड’ अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं द्वारा किए जाने वाले दो वार्षिक कमांड-पोस्ट अभ्यासों में से एक है। यह मुख्य रूप से कंप्यूटर आधारित अभ्यास है, जिसका उद्देश्य बदलते युद्ध परिदृश्यों और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सहयोगी देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता का परीक्षण करना है। इसके साथ ‘वॉरियर शील्ड’ नामक फील्ड-ट्रेनिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।इसे भी पढ़ें: US-Iran Conflict | ट्रंप-पुतिन की गुप्त बातचीत और Tehran पर महाविनाशक हमले, क्या खाक हो जाएगा Middle East?  देश के विस्तारित परमाणु कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए किम यो जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया बाहरी खतरों के खिलाफ अपनी “शक्ति” को और मजबूत करता रहेगा तथा दुश्मनों को बार-बार अपनी युद्ध निरोधक क्षमता और उसकी घातकता का अहसास कराता रहेगा। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों को आक्रमण की तैयारी बताता रहा है और अक्सर इन्हें अपने सैन्य प्रदर्शन या हथियार परीक्षण बढ़ाने के औचित्य के रूप में इस्तेमाल करता है।इसे भी पढ़ें: Ajit Pawar Plane Crash | पायलट को बलि का बकरा बनाने की तैयारी? रोहित पवार ने वीएसआर वेंचर्स के मालिक पर दागे तीखे सवाल! हालांकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि ये अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति के हैं। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों को “फर्जी शांति” के बहाने किया गया “अवैध आक्रामक कृत्य” बताया था। उत्तर कोरिया और ईरान उन कुछ देशों में से हैं जिन्होंने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का समर्थन किया था। दोनों देशों पर रूस को सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने के आरोप भी लगाए गए हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'एक बूंद तेल नहीं निकलने देंगे', Donald Trump की Hormuz पर कब्जे की धमकी के बाद Iran की खुली चेतावनी
    Next Article
    NCERT ने ज्यूडिशरी करप्शन चैप्टर पर माफी मांगी:विवाद के बाद बिक्री पर लगी रोक, SC ने कहा- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment