Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'हमें दबकर और मुंह लटकाकर रहने की जरूरत नहीं':जौनपुर में बृजभूषण बोले- जिनका इतिहास नहीं है वो अपना इतिहास खोंजे

    2 hours ago

    1

    0

    जौनपुर के तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज सभागार में क्षत्रिय वैश्य समाज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में गोंडा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का जोरदार स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले बृजभूषण शरण सिंह का काफिला पुलिस लाइन से टीडी कॉलेज तक घोड़ों और बैंड-बाजों के साथ पहुंचा। यहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। होली मिलन समारोह का उद्घाटन ठाकुर वंश के पूर्वज राजा साहिलवाहन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के छात्रों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्य अतिथि बृजभूषण शरण सिंह ने भी फागुन के पारंपरिक गीत गाकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह होली मिलन कार्यक्रम सर्वसमाज के सहयोग से आयोजित किया गया है और यह क्षत्रिय समाज की पिछले 8 वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। ईरान के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “आप चैन से सो रहे हैं, यह आपको अच्छा नहीं लगता है।” युवाओं को शायरी के अंदाज में संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “हम कौन थे, क्या हो गए और क्या होंगे अभी, आओ मिलकर विचारें ये समस्याएं सभी। यद्यपि हमें इतिहास अपना प्राप्त पूरा है नहीं अभी, फिर भी हम कौन थे, ये अधूरा है नहीं।” उन्होंने कहा कि यदि किसी वृक्ष को समाप्त करना हो तो उसकी जड़ काट दी जाए, वह स्वयं सूख जाएगा। इसी तरह समाज को कमजोर करने के लिए उसकी जड़ों पर प्रहार किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ भी ऐसा ही किया गया और उनके इतिहास को धार्मिक मुद्दा बताकर सांप्रदायिक करार दिया गया। उन्होंने कहा कि सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलयुग—हर युग में उनका इतिहास रहा है। सतयुग में प्रह्लाद, त्रेता में राम और परशुराम, द्वापर में कृष्ण, भीष्म और अर्जुन जैसे उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि आज भी उनका अस्तित्व कायम है। युवाओं से उन्होंने कहा कि उन्हें दबकर या मुहं लटकाकर रहने की जरूरत नहीं है। जिनका इतिहास नहीं है, वे उसे खोजें, जबकि उनका इतिहास पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा। दुनिया की कोई ताकत इसे मिटा नहीं सकती। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह स्वयं वाहन चलाकर बृजभूषण शरण सिंह को उनके हेलीकॉप्टर तक छोड़ने गए। इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने मंच से होली गीत गाकर पर्व के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:रिटायर्ड IAS अधिकारी के घर में चोरी, गर्लफ्रेंड से शादी न होने पर युवक ने दी जान
    Next Article
    कौशांबी में 305 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ:सरकार के 'नव निर्माण के नौ वर्ष' पूरे होने पर हुआ आयोजन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment