Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हिमाचल की नंदिनी ने UPSC जियो-साइंटिस्ट परीक्षा टॉप की:पिता किसान, माता गृहिणी, रोजाना 14 घंटे की पढ़ाई, मुख्यमंत्री-डिप्टी सीएम ने दी बधाई

    2 hours ago

    1

    0

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की नंदिनी ठाकुर ने केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ‘कंबाइन्ड जियो साइंटिस्ट’ परीक्षा 2025 में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया। नंदिनी जियोफिजिक्स कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक-1 पर रही। नंदिनी ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंजावर गांव की रहने वाली है। छोटे से गांव से निकली नंदिनी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तो को दिया है। नंदिनी ने यह परीक्षा पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के उत्तीर्ण की है। उन्होंने लिखित परीक्षा में 587 अंक और व्यक्तित्व परीक्षण (पर्सनलिटी टेस्ट) में 140 अंक प्राप्त किए, जिससे उनका कुल स्कोर 787 रहा। नंदिनी की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बधाई देते हुए इसे पूरे हिमाचल के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि नंदिनी की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। रोजाना 14 घंटे पढ़ाई करती थीं नंदिनी ने बताया कि कड़ी मेहनत और लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करके सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस मुकाम को हासिल करने के लिए नंदिनी प्रतिदिन लगभग 14 घंटे पढ़ाई करती थीं। नंदिनी ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा बढ़ेडा राजपूतां स्कूल से हुई। उन्होंने पंजावर के सेंट मीरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से मैट्रिक और प्लस टू की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी (फिजिक्स) में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री प्राप्त की। किसान की बेटी का कमाल नंदिनी के पिता संजय ठाकुर एक किसान हैं और उनकी माता राजरानी गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई आदित्य ठाकुर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। जियो साइंटिस्ट क्या करते हैं? UPSC की इस परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी भारत सरकार के वैज्ञानिक विभागों में उच्च पदों पर नियुक्त होते हैं। जियोफिजिक्स विशेषज्ञ पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं। वे भूकंप संबंधी गतिविधियों का विश्लेषण, भू-गर्भीय सर्वे, खनिज और ऊर्जा संसाधनों (जैसे तेल-गैस) की खोज तथा भूमिगत संरचनाओं की वैज्ञानिक जांच करते हैं। इसके अलावा, वे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं- जैसे बांध, सुरंग, सड़क और रेलवे निर्माण- में तकनीकी सलाह देते हैं। भू-सर्वेक्षण, डेटा विश्लेषण और फील्ड रिसर्च इनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान और पर्यावरणीय अध्ययन में भी इनकी अहम भूमिका रहती है। नंदिनी की उपलब्धि हिमाचल के लिए सम्मान का विषय नंदिनी ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए सम्मान का विषय है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भास्कर अपडेट्स:इंडिगो ने 29 मार्च से NMIA से छह शहरों के लिए डायरेक्ट फ़्लाइट्स की घोषणा की
    Next Article
    जब रश्मिका ने 200 लोगों के सामने विजय को किया Kiss, हुईं शॉक्ड

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment