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    हेपेटाइटिस के डेढ़ दर्जन केस के बाद नहीं जागे जिम्मेदार:बीमारी के कारणों का अब तक पता नहीं, सैंपलिंग भी सुस्त

    12 hours ago

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    लखनऊ के रहीमाबाद में हेपेटाइटिस-बी के प्रसार को लेकर स्वास्थ्य विभाग का रवैया काफी सुस्त है। 24 फरवरी को इलाके में संक्रमण का पता चला था, लेकिन संक्रमण कैसे फैला? संक्रमितों के परिवार का क्या हाल है? इस दिशा में अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है। नतीजतन संक्रमण के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। संक्रमण के कारणों का पता लगाने में दिलचस्पी कम रहीमाबाद के चार गांव के 19 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया था। बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने रक्तदान की प्रक्रिया पूरी कराई थी। सभी ब्लड यूनिट की जांच में हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। ये जांचें बलरामपुर अस्पताल और लोहिया संस्थान में हुई थीं। 24 फरवरी को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। संक्रमण की पुष्टि के बाद अधिकारी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गए। यही वजह है कि अभी तक संक्रमण के कारणों का पता नहीं चल सका है। बीमारी अब तक कितने लोगों को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है। इसकी भनक भी अफसरों को नहीं है। KGMU में नमूने जांच के लिए भेजे गए ब्लड डोनेशन करने वालों की दोबारा जांच का फैसला किया। 13 लोगों के नमूने एकत्र किए गए। बाकी छह लोगों ने बाद में सैम्पल देने की बात कही। सोमवार को भी बाकी छह लोगों ने नमूने नहीं दिए। इसके लिए सभी ने अलग-अलग कारण बताएं। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने केजीएमयू में नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। जिनकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की उम्मीद है। संक्रमितों के परिवार में डर का माहौल स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि दोबारा की रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। 15 दिन बाद भी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तरफ से संक्रमितों का हाल नहीं लिया गया। वहीं संक्रमितों के परिवार के अन्य सदस्यों में डर का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग के रवैया से नाखुश हैं। अफसरों की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द जांच कराई जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। अभी संक्रमितों के परिवारीजन गफलत में हैं।
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