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    होर्मुज में बड़ा बवाल, कूदी भारत की नौसेना, युद्ध के बीच 15 भारतीयों का रेस्क्यू!

    10 hours ago

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    आसमान में शिकारी ड्रोन मंडरा रहे हैं और अमेरिका ईरान के बीच कभी भी महायुद्ध छेड़ने का डर। इसी मौत के रास्ते के बीच फंसा था 15 भारतीयों वाला एक विशाल तेल टैंकर ओमेगा ट्रेडर। दुनिया की सुपर पावर अमेरिका और ईरान आमने-सामने है। समंदर बारूद से भरा है। लेकिन तभी लहरों को चीरते हुए इंडियन नेवी की एंट्री होती है। होर्मुज यानी समंदर का वो हिस्सा है जो ओमान और ईरान के बीच है। दुनिया का लगभग 21% तेल यहीं से गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद हुआ तो भारत ही नहीं पूरी दुनिया में पेट्रोल के दाम रातोंरात डबल हो सकते हैं। हालांकि ऐसा हो भी चुका है। लेकिन आज यह रास्ता जंग का अखाड़ा बन गया है। इसे भी पढ़ें: युद्ध पर पाकिस्तान में इमरजेंसी मीटिंग, भारत ने किया बड़ा धमाका!हुतियों के हमले हो या ईरान अमेरिका की आपसी रंजिश कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अब यहां आम बात हो गई है। ऐसे में ओमेगा ट्रेडर पर मंडराता खतरा सिर्फ एक जहाज का नहीं बल्कि भारत की इकॉनमी और हमारे नागरिकों का जान था। ओमेगा ट्रेडर एक ऐसा जहाज जिस पर 23 जिंदगियां सवार थी। इनमें 15 हमारे अपने भारतीय भाई थे और आठ फिलीपींस के नागरिक थे। यह जहाज कच्चे तेल से लबालब भरा था जो इसे एक तैरता हुआ बम बना देता। एक छोटी सी मिसाइल या ड्रोन हमला और सब कुछ खत्म। भारतीय नौसेना को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि इस इलाके में हमले तेज होने वाले हैं और फिर मोदी सरकार ने बिना देरी किए मिशन मोड ऑन किया। भारतीय युद्धपोतों ने ओमेगा ट्रेडर को अपनी सुरक्षा के घेरे में ले लिया और फिर भारतीय नौसेना के कमांडो और अत्याधुनिक रडार सिस्टम ने जहाज के चारों ओर एक ऐसा सुरक्षा कवच बनाया जिसे भेदना इसी के लिए भी नामुमकिन था। उसी वक्त जब भारतीय नौसेना ऑपरेशन चला रही थी, समंदर में एक और बड़ी हलचल हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम ने भी सर जवाबी कारवाई शुरू कर दी।इसे भी पढ़ें: China ने पनडुब्बी से दागी 'अदृश्य' मिसाइल! प्रशांत महासागर बना युद्ध का अखाड़ा, अमेरिका ने दी खुली चेतावनी! अमेरिका ने ईरान के उन ठिकानों को चुनचुनकर निशाना बनाया जहां से ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च की जा रही थी। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल साइट्स पर बमबारी हो रही थी। ईरान ने भी पलटवार किया और पलटवार की धमकी भी दी और स्थिति ऐसी हो गई कि एक गलतफहमी और तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो सकता था। लेकिन इस भारी तनाव और गोलीबारी के बीच भारतीय नौसेना यानी इंडियन नेवी के जांबाजों ने अपना आपा नहीं खोया। बेहद शांति के साथ हमारे जहाज को उस डेंजर ज़ोन से बाहर खींच दिया। खैर, यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था। यह नए भारत का नया स्टेटमेंट है। आज भारत सिर्फ सीमाओं की रक्षा नहीं करता बल्कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भी भूमिका निभा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है हमारी नजरें 24 घंटे इस इलाके पर है। चाहे वो लाल सागर यानी रेड सी हो या हॉर्मूज।
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