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    हर्ष नेहरा की मम्मी बोलीं- चाहती थी बेटा डॉक्टर बने:मेरठ में रहकर सांइस में की पढ़ाई, इंटर के बाद बोला मुझे सिविल सर्विस में जाना है

    5 hours ago

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    मेरठ में सरधना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में किसान परिवार के हर्ष नेहरा की यूपीएससी में ऑल इंडिया 74 वी रैंक आई है। इसके बाद से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। हर्ष की मम्मी अनीता ने अपने बेटे के इस मुकाम तक पहुंचाने की पूरी कहानी और संघर्ष विस्तार से बताया। मैं खुद भी प्राइमरी में टीचर हर्ष नेहरा की मां अनीता ने बताया कि वह खुद प्राइमरी में टीचर हैं। पिता किसान हैं। केमिस्ट भी हैं। हर्ष घर का बड़ा बेटा है ।इसलिए सबसे अधिक उम्मीद और सपने हमारे परिवार ने उसके लिए ही देखे थे आज वह इस मुकाम पर पहुंचा है तो हमें बहुत खुशी है। चाहती थी डॉक्टर बने बेटा उन्होंने बताया कि बेटा बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार था। इसलिए मैं और हर्ष के पिता हम दोनों चाहते थे कि हमारा बेटा MBBS करके एक अच्छा डॉक्टर बने। इसलिए हमने उसे हाई स्कूल के बाद साइंस में पढ़ाई कराई। इसके बाद जब उसने इंटर पास की तो बताया कि वह डॉक्टर नहीं बनना चाहता और सिविल सर्विस की तैयारी कर आईएएस बनना चाहता है, ताकि वह लोगों की सेवा कर सके। हमने उसके फैसले को सही मानते हुए उसका B.Sc में एडमिशन कराया। कोरोना कल में B.Sc पूरी होने के बाद दिल्ली भेजा। वहां उसने तैयारी की। अब अपना सपना पूरा किया। पहली बार इतनी दूर गया था बेटा हमारा परिवार हमेशा गांव में ही रहा है और बेटा मेरे साथ ही रहता था। जब वह अपनी बीएससी पूरी करने के बाद दिल्ली गया तो बेटे को दूर जाने के बाद मन में चिंता रहती थी। मेरा बेटा वहां कैसे रहता होगा, क्या खाता होगा, क्या उसका मन लगता होगा इस कारण मन परेशान रहता था। इसके बाद कई- कई बार फोन करती थी तो उसके पिता हमेशा मेरी हिम्मत बढ़ाते थे और कहते थे कि जब कामयाब होगा तो सबसे ज्यादा खुशी हमें ही होगी और आज वह दिन आया है। नौकरी ना होती तो चली जाती दिल्ली हर्ष नेहरा की मां अनीता ने बताया कि क्योंकि मैं खुद प्राइमरी में टीचर हूं, इसलिए उनकी मजबूरी थी की वह कहीं जा नहीं सकती थीं। उन्होंने कहा कि अगर वह ग्रहणी होतीं तो वह अपना घर छोड़कर अपने बेटे के पास दिल्ली ही चली जातीं। वहीं उसका ध्यान रखती। ताकि वह मेहनत से पढ़ सके, लेकिन बेटे ने घर से दूर रहकर भी मेहनत से पढ़ाई की और आज अपने परिवार और गांव का नाम देश भर में रोशन किया है। पिता बोले- उतार दिया मेहनत का कर्ज़ हर्ष नेहरा के पिता अजय नेहरा ने बेटे की इस कामयाबी पर नाम आंखों के साथ कहा, जितना खुश मैं हूं शायद ही कोई पिता अपने बेटे के लिए होगा। मेरा बेटा जिस मुकाम पर पहुंचा है, इसके लिए उसके दादा के संस्कार और उसकी मां की मेहनत ही सब कुछ इन दोनों के मेहनत का कर्ज उसने आज इस कामयाबी के साथ उतार दिया है।
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