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    हरदोई में गेहूं कटाई से सांस रोगियों की दिक्कतें बढ़ीं:अस्पतालों में अस्थमा-सीओपीडी मरीजों की संख्या में 30% तक वृद्धि

    18 hours ago

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    हरदोई में गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम तेज होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खेतों में कंबाइन मशीनों और थ्रेसर से उड़ने वाली धूल, मिट्टी और भूसे के बारीक कणों ने अस्थमा तथा सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में मरीज सांस फूलने, खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बड़े पैमाने पर गेहूं की कटाई जारी है। कंबाइन मशीनों और थ्रेसर से निकलने वाला भूसा और धूल हवा में मिलकर आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। ये बारीक कण सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता है। जिले के अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में श्वास संबंधी रोगियों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। अस्थमा, एलर्जी और सीओपीडी से पहले से पीड़ित मरीजों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रोगी अचानक सांस फूलने और लगातार खांसी की शिकायत के साथ चिकित्सालय पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि धूल और भूसे के अत्यंत सूक्ष्म कण एलर्जी उत्पन्न कर सकते हैं और अस्थमा के दौरे को गंभीर बना सकते हैं। ये कण नग्न आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन सांस के साथ सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार, ओपीडी में सांस लेने में कठिनाई वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। डॉ. गुप्ता ने उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है जिन्हें पहले से सांस या एलर्जी की समस्या है। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते समय मास्क या कपड़े से मुंह ढकें, धूल भरे क्षेत्रों से बचें और अपनी नियमित दवाएं लेते रहें। बिना चिकित्सक की सलाह के दवा बंद न करने की भी हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों ने आम जनता से पर्याप्त पानी पीने, धूल भरे वातावरण से दूरी बनाए रखने और सांस लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की है। खेतों की कटाई के इस मौसम में थोड़ी सी सावधानी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में सहायक सिद्ध हो सकती है।
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