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    'हस्साम के NGO को अस्पतालों से होती थी फंडिंग':KGMU के फर्जी डॉक्टर का वेस्ट यूपी तक फैला नेटवर्क; दलाल लेकर आते थे मरीज

    3 hours ago

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    KGMU से गिरफ्तार फर्जी डॉक्टर हस्साम और उसके गिरोह को लेकर एक और खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि गिरोह को कई अस्पतालों और डॉक्टरों से फंडिंग मिलती थी। इसी पैसों के जरिए मुस्लिम बहुल इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते थे और लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। ये पूरा नेटवर्क में वेस्ट यूपी से ऑपरेट होने की आशंका हैं। गिरोह से जुड़े दलाल अस्पतालों में आने वाले मरीजों को निशाना बनाते थे। ये लोग मरीजों और उनके तीमारदारों को सस्ते इलाज का लालच देकर बहलाते और फिर उन्हें गिरोह से जुड़े डॉक्टरों और अस्पतालों में भेजते थे। इसके बदले दलालों को कमीशन दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के मरीजों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित किया जाता था। खासतौर पर हिंदू मरीजों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की बात भी सामने आई है। पुलिस और एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं। कई डॉक्टर भी रडार पर पुलिस की जांच में चार डॉक्टर और कुछ अस्पताल रडार पर हैं। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुख्ता सबूत मिलते ही कार्रवाई की तैयारी है। इनमें कुछ बड़े निजी अस्पताल भी शामिल हैं। वेस्ट यूपी से जुड़े हैं तार पुलिस टीम मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उम्मीद है कि रिपोर्ट आने के बाद गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े कई और बड़े खुलासे होंगे। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुरादाबाद बुलंदशहर और गाजियाबाद समेत कई जिलों में भी इस नेटवर्क के फैले होने की बात सामने आई है। क्या था मामला ? लखनऊ में KGMU कैंपस से 21 अप्रैल को एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। वह मेडिकल स्टूडेंट को प्यार में फंसाकर धर्मांतरण कराने की साजिश रच रहा था। साथ ही एम्स दिल्ली में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर छात्राओं को बाहर ले जाने की योजना बना रहा था। KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया- कुछ दिन पहले पैथोलॉजी विभाग में सामने आए रमीज मलिक प्रकरण के बाद कुलपति के निर्देश पर जांच टीम बनाई गई थी। इसके बाद से कैंपस की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। फर्जी डॉक्टर को पुलिस को सौंप दिया गया है। डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया- आरोपी के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
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