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    हेयरड्रेसर ने जिंदा की अमेरिका की ऐतिहासिक रेस:10 साल पहले बजट की कमी से बंद हुई फिलाडेल्फिया क्लासिक रेस फिर खेली गई

    22 hours ago

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    अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रेस ‘फिलाडेल्फिया साइक्लिंग क्लासिक’ पूरे एक दशक के सन्नाटे के बाद फिर से सड़कों पर लौट आई है। 1985 से 2016 तक दुनिया भर के दिग्गज साइकिल चालकों को आकर्षित करने वाला यह आयोजन 10 लाख डॉलर (करीब 94 लाख रुपए) के भारी बजट और प्रायोजकों की कमी के चलते बंद हो गया था। इस बार इस रेस को वापस पटरी पर लाने वाला कोई अरबपति खेल प्रमोटर नहीं, बल्कि फिलाडेल्फिया के एक हेयर सैलून के मालिक और पूर्व शौकिया राइडर कार्लोस रोजर्स हैं। रोजर्स के चार साल के कड़े संघर्ष, शहर के पूर्व मेयर के साथ और एक प्रमुख प्रायोजक के दम पर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का पुनर्जन्म संभव हुआ है। रोजर्स का इस रेस से भावनात्मक जुड़ाव बचपन से रहा है। वे मानायंक इलाके में पले-बढ़े, जहां इस रेस का सबसे कठिन और मशहूर हिस्सा ‘मानायंक वॉल’ मौजूद है। कभी किशोर उम्र में पुलिस की हार्ले-डेविडसन की गड़गड़ाहट देखकर रोमांचित होने वाले रोजर्स ने 1994 में एक कंपोजिट टीम से खुद इस रेस में पैडल मारे थे और लांस आर्मस्ट्रांग जैसे दिग्गजों के साथ 130 मील तक राइड की थी। अगस्त 2022 में मैरीलैंड साइक्लिंग क्लासिक देखने के बाद रोजर्स में अपने शहर की रेस को लौटाने की तड़प जगी। उन्होंने पूर्व रेस डायरेक्टर रॉबिन मॉर्टन से तकनीकी बारीकियां समझीं और अपने सैलून में बाल कटवाने आने वाले ग्राहकों से लेकर उद्योगपतियों तक सैकड़ों कोल्ड कॉल्स किए। शुरुआती असफलताओं के बाद 2024 में रोजर्स की मुलाकात उद्यमी एरिक रॉबिंस और फिलाडेल्फिया के पूर्व मेयर माइकल नटर से हुई। नटर के जुड़ते ही इस मुहिम को प्रशासनिक और नैतिक मजबूती मिली और तीनों इसके सह-संस्थापक बने। इसके बाद 2025 में ‘अमेरीगैस’ के सीईओ बॉब फ्लेक्सन बतौर टाइटल स्पॉन्सर सामने आए, जिससे 10 लाख डॉलर से जुड़े वित्तीय संकट का समाधान हुआ। जून 2025 तक जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर विश्व साइक्लिंग संस्था से 2026 के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में इसे शामिल करने की औपचारिक मंजूरी हासिल कर ली गई। अगस्त अंत में हुई यूसीआई 1.1 श्रेणी की इस रेस में आठ वर्ल्ड टूर टीमें उतरीं, जहां पुरुष वर्ग में 193 किमी और महिला वर्ग में 100 किमी का कड़ा मुकाबला हुआ। इस आयोजन में लैंगिक समानता को तरजीह देते हुए दोनों वर्गों के लिए समान 62 लाख रुपए की इनामी राशि रखी गई थी। मानायंक वॉल के आधे मील में 250 फीट से अधिक की चढ़ाई और 14 फीसदी तक के तीखे ढलान ने एक बार फिर राइडर्स का कड़ा इम्तिहान लिया। इस ऐतिहासिक ट्रैक पर पेरिस ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता क्रिस्टन फॉल्कनर और क्विन सिमंस जैसे सितारे भी उतरे। जर्मनी के टिम टॉर्न ने पुरुष और इटली की चियारा कोंसोनी ने महिला कैटेगरी का खिताब जीता। रोजर्स के मुताबिक, दोबारा इस रेस की शुरुआत होना किसी पदक से कम नहीं है।
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