Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ईरान से चल रही थी जंग, इधर कराची शहर में अमेरिकी फोर्स ने 16 को उड़ाया, मचा हड़कंप!I

    3 hours from now

    1

    0

    ईरान के बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान को जवाब देना शुरू कर दिया है। अमेरिका ने पाकिस्तानियों को गोलियों से भून डाला है। जिसकी खबर बाहर आते ही दुनिया में हड़कंप मच गया। वो कहते हैं ना दूसरों के मामले में टांग अड़ाने का अंजाम कभी-कभी बहुत भारी पड़ता है और इस समय अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तानियों पर गोलियां क्यों चलाई? आइए इसका खुलासा सबसे पहले आपके सामने करते हैं। फिर आगे यह भी जानेंगे कि कितने पाकिस्तानी मारे गए और अमेरिका ने पाकिस्तान में कैसे गोली चलाई? क्या है नियम? इसका भी खुलासा करेंगे। दरअसल बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामने से जुड़ी खबरों के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पाकिस्तान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी वाला देश माना जाता है। इसलिए भावनात्मक प्रतिक्रियाएं यहां पर तेज हो गई। रविवार को कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सल्यूट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने यह पुष्टि की है कि कंसलेट परिसर के अंदर से भी फायरिंग हुई थी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मौतें सीधे अमेरिकी मरीन की गोली से हुई या फिर नहीं। इसे भी पढ़ें: शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर मुर्दाबाद...ईरान जंग के बीच पाकिस्तान में क्यों भड़का लोगों का गुस्साइस बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी दूसरे देश की जमीन पर अमेरिकी मरीन गोली चला सकते हैं? इसका जवाब अंतरराष्ट्रीय कानून में है। 1961 की विएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमेटिक रिलेशंस के तहत दूतावास और कंसोलेट परिसर इनवॉलेबल माने जाते हैं। मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है कि वह सुरक्षा सुनिश्चित करें। लेकिन यदि परिसर पर सीधा हमला हो तो अंदर तैनात सुरक्षाकर्मियों को आत्मरक्षा का अधिकार पूरा होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान देश भर में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है और कई दर्जन घायल होने की खबर सामने आई हैं। कराची में पुलिस थानों और अन्य इमारतों पर भी हमले की घटनाएं सामने आई है। वहीं इन सबके बीच अमेरिका ने एक और बड़ा झटका पाकिस्तान को दे डाला है। स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने नए वीजा अपॉइंटमेंट्स रद्द कर दिए हैं।इसे भी पढ़ें: ईरान को जमीन पर हराना क्यों नामुमकिन, क्या है नेतन्याहू का प्लान?इस्लामाबाद, लाहौर और कराची में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्टाफ मूवमेंट सीमित किया गया है और यह एक कूटनीतिक संदेश भी माना जाता है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि दूतावास की जमीन तकनीकी रूप से उस देश की संप्रभु भूमि ही रहती है। लेकिन उस पर विशेष कूटनीतिक संरक्षण लागू होता है। इसका मतलब यह नहीं कि वह अमेरिका की जमीन बन जाती है। बल्कि वहां प्रवेश और कारवाई पर विशेष नियम लागू होते हैं। यह घटना सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है बल्कि अमेरिका पाकिस्तान रिश्तों के लिए एक संवेदनशील मोड़ साबित हो सकती है। पाकिस्तान पहले ही आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से झूंझ रहा है। ऐसे में कूटनीतिक तनाव का असर वीजा, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय रणनीति पर पड़ सकता है। निष्कर्ष साफ है। दूतावास परिसर के भीतर से फायरिंग की पुष्टि स्थानीय स्तर पर हुई। लेकिन मौतों की सीधी जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अंतरराष्ट्रीय कानून आत्मरक्षा की अनुमति देता है। लेकिन हर ऐसी घटना कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर छोड़ती है। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Middle East Conflict MEA Helpline | संकट में फंसे भारतीयों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, दिल्ली में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित, जारी किए हेल्पलाइन नंबर
    Next Article
    'फ्रेंडली फायर' का शिकार हुए अमेरिकी फाइटर जेट्स! कुवैती पायलट की गलती से गिरे 3 US F-15 विमान, जांच में बड़ा खुलासा | Iran-Kuwait Conflict

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment