Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    India-Myanmar Talks: साइबर घोटालों पर PM Modi का सख्त रुख, फंसे भारतीयों की वापसी पर बनी सहमति

    9 hours ago

    1

    0

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों ने अपनी-अपनी धरती का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ न होने देने पर सहमति जताई है। म्यांमार के राष्ट्रपति ने विशेष रूप से भरोसा दिलाया कि उनकी जमीन का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।व्यापार-तकनीकी सहयोग पर जोरइस यात्रा के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत-म्यांमार बिजनेस कॉन्क्लेव में भी हिस्सा लिया। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार इस समय 2 अरब डॉलर से कुछ ज्यादा का है, जिसमें भारत का निर्यात 600 मिलियन डॉलर और म्यांमार का निर्यात 1.5 अरब डॉलर से अधिक है। इस दौरे का मुख्य फोकस टेक्नोलॉजी, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग पर है। इसी सिलसिले में उन्होंने ग्रेटर नोएडा में एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी सेंटर का भी दौरा किया और वे कल मुंबई के लिए रवाना होंगे। म्यांमार के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को म्यांमार आने का न्योता भी दिया है। #WATCH | Delhi: Responding to ANI's question on whether any discussions on enhancing economic cooperation in critical minerals and rare earths were held between Myanmar President U Min Aung Hlaing and PM Modi, Foreign Secretary Vikram Misri says, "Yes, issues related to critical… pic.twitter.com/ugrbinBNK8— ANI (@ANI) June 1, 2026 इसे भी पढ़ें: तूफान में हिलने लगी थी Lionel Messi की 70 फुट ऊंची प्रतिमा, प्रशासन ने हटवाई, नए ठिकाने की तलाश जारीसाइबर घोटाले-मानव तस्करी का मुद्दाएएनआई के एक सवाल का जवाब देते हुए विदेश सचिव ने बताया कि बैठक में साइबर स्कैम नेटवर्क और भारतीय नागरिकों की तस्करी के गंभीर मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले पर म्यांमार के साथ लगातार सहयोग कर रहा है। इसे भी पढ़ें: CJP प्रमुख अभिजीत दिपके 6 जून को आएंगे भारत, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शनफंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के प्रयासताजा आंकड़ों के मुताबिक, करीब 150 से ज्यादा भारतीय नागरिक अब भी म्यांमार के साइबर स्कैम कंपाउंड्स में फंसे हुए हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए म्यांमार सरकार से बातचीत चल रही है। अब तक 2,411 लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। विदेश सचिव ने बताया कि इन भारतीय नागरिकों को अक्सर किसी तीसरे देश के रास्ते म्यांमार तस्करी करके लाया जाता है, इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए न केवल द्विपक्षीय बल्कि बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय सहयोग की भी बेहद जरूरत है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मध्य प्रदेश में UCC लागू होगी, CM Mohan Yadav ने जनता से मांगे सुझाव
    Next Article
    Mamata Banerjee का बागियों को कड़ा संदेश, Sandipan Saha और Ritabrata Banerjee TMC से निष्कासित

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment