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    Iran-Iraq Airspace बना 'नो फ्वाई जोन', सैन्य हमलों के बीच EASA की बड़ी चेतावनी

    19 hours ago

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    यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने एयरलाइंस के लिए ईरान और इराक के एयरस्पेस से उड़ान न भरने की अपनी सलाह को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। एजेंसी ने अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों का हवाला दिया है, जिनसे कमर्शियल एविएशन के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। ताज़ा 'कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन इन्फॉर्मेशन बुलेटिन' (CZIB) ने पिछली एडवाइज़री की जगह ली है, जिसकी समय-सीमा 8 जुलाई को खत्म होने वाली थी। पिछली चेतावनी में लेबनान भी शामिल था और बहरीन, कुवैत, इज़राइल, जॉर्डन, कतर, ओमान, UAE और सऊदी अरब समेत खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सावधानी बरतने को कहा गया था, लेकिन अपडेटेड गाइडेंस में खास तौर पर ईरान और इराक के ऊपर 'नो-फ़्लाई' सलाह को बढ़ाया गया है क्योंकि वहाँ लड़ाई तेज़ हो गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब दुनिया के सबसे व्यस्त एनर्जी शिपिंग रूट में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए सिरे से सैन्य हमले किए और सुरक्षा हालात तेज़ी से बिगड़े।ट्रंप ने कहा- युद्धविराम 'खत्म' हो चुका हैहवाई जहाजों के लिए अलर्ट  जारी होने के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में घोषणा की है कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब पूरी तरह से टूट चुका है। अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे ट्रंप ने कहा जहाँ तक मेरा सवाल है, यह समझौता अब खत्म हो चुका है।" उन्होंने ईरान पर धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि हाल ही में हुए सैन्य हमलों के बाद तेहरान ने अपनी नीयत साफ कर दी है कि वह शांति नहीं चाहता।इसे भी पढ़ें: नाचते-नाचते ट्रंप ने क्या किया ऐसा ऐलान, Stock Market हुआ क्रैश, सेंसेक्स 1900 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचेईरान के 80 से ज़्यादा ठिकानों पर हमलेअमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के 80 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए गए। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार इंस्टॉलेशन और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास काम कर रहे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दर्जनों जहाज़ शामिल थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि इसका मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था, जिससे वह इस अहम समुद्री रास्ते से होने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ओमान के पास तीन कमर्शियल जहाजों मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले 'अल रेकय्यात', सऊदी अरब के झंडे वाले 'वेद्यान' और लाइबेरिया के झंडे वाले 'साइप्रस प्रॉस्पेरिटी' पर हुए हमलों के बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने बताया कि एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (हथियार) लगने से एक टैंकर में आग लग गई, जबकि खबर है कि कम से कम एक और जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ।अमेरिका के सहयोगियों को चेतावनीइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए। तेहरान ने एक व्यापक चेतावनी भी जारी की, जिसमें कहा गया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में मदद करने वाले किसी भी देश या ठिकाने को उसकी सेना "वैध लक्ष्य" मानेगी। ईरान के सरकारी मीडिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अहम जगहों - जैसे कि केशम द्वीप, सिरिक और बंदर अब्बास - के आसपास कई धमाकों की खबर दी, जिससे इस टकराव का दायरा बढ़ने का संकेत मिलता है। 
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