Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Iran US Dispute: परमाणु मुद्दा महज बहाना, विदेश मंत्री Abbas Araghchi का बड़ा बयान

    13 hours ago

    1

    0

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन का लंबे समय से चला आ रहा विवाद महज एक "बहाना" है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामिक गणराज्य ने पिछले अंतरराष्ट्रीय समझौतों की शर्तों का पालन किया, लेकिन अमेरिका ने बिना किसी उचित कारण के इन समझौतों को "छोड़" दिया। इराक के 'अल-इखबारिया' नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में, अराघची ने कहा कि वाशिंगटन का असली विरोध इस बात को लेकर है कि ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी वर्चस्व को स्वीकार करने से इनकार करता है।इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: कभी Pakistan पर सख्त कार्रवाई चाहते थे Marco Rubio, अब उसी की पैरवी कर रहे हैं! सीनेटर से विदेश मंत्री बनते ही क्यों बदल गये सुर?IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा कि परमाणु मुद्दा तो बस एक बहाना है; असल में अमेरिकी लोग ईरान की विचारधारा का विरोध करते हैं और उसे स्वीकार नहीं करते। वे ईरान के उस दृष्टिकोण को पूरी तरह खारिज करते हैं, जो अमेरिकी प्रभुत्व का सामना करने और उसके सामने घुटने न टेकने पर जोर देता है। यही वह सोच है, जिसके कारण हमारे क्षेत्र में 'प्रतिरोध' (रेजिस्टेंस) का उदय हुआ है। वाशिंगटन के कूटनीतिक समझौतों के इतिहास का जिक्र करते हुए, अराघची ने बताया कि तेहरान ने पहले अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन किया था, लेकिन अमेरिका ने बिना किसी ठोस वजह के एकतरफा तरीके से खुद को इन समझौतों से अलग कर लिया।अरागची ने कहा कि हमने परमाणु मुद्दे पर दुनिया के साथ एक समझौता किया था और पूरी दुनिया ने उस समझौते का स्वागत किया था; लेकिन अमेरिकी पक्ष ने बिना कोई सबूत दिए खुद को इससे अलग कर लिया और समझौते को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में भी ठीक ऐसा ही हुआ। राजनयिक तनाव और सैन्य लामबंदी के बावजूद, अरागची ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन को पता है कि सीधा सैन्य संघर्ष शुरू करने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा तैयारियां अमेरिकी आक्रामकता को रोकने का मुख्य जरिया हैं।इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं, Pakistan Army कर रही पूरी मददअरागची ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी अच्छी तरह जानते हैं कि वे युद्ध के जरिए अपना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मेरी राय में, अमेरिका द्वारा कोई नया युद्ध शुरू करने से रोकने वाली सबसे बड़ी चीज ईरान की यह पूरी तैयारी है। इससे पहले शनिवार को (स्थानीय समयानुसार), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भरोसा जताया कि ईरान के साथ चल रहा मौजूदा संघर्ष "बहुत जल्दी" खत्म हो जाएगा। उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    France में महंगाई और बदहाल स्कूलों पर उग्र प्रदर्शन, सरकार ने बढ़ाया Night Curfew
    Next Article
    Balochistan के Kech और Mastung से 8 लोग गायब, Pakistan सुरक्षा बलों पर आरोप

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment