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    ISRO ने अन्वेषा सैटेलाइट लॉन्च किया:600 किलोमीटर ऊंचाई से झाड़ी में छिपे दुश्मन की फोटो ले सकेगा; 2026 का पहला मिशन

    11 hours ago

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    इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने सोमवार सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से साल 2026 का पहला सैटेलाइट मिशन लॉन्च किया। यह लॉन्च पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)-C62 से किया गया। इस मिशन के तहत कुल 15 सैटेलाइट्स को स्पेस में भेजा गया है। इनमें अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS-N1) अन्वेषा मुख्य है, जिसे धरती से करीब 600 किलोमीटर ऊपर पोलर सन-सिंक्रोनस पोलर आर्बिट (SSO) में स्थापित किया जाएगा। अन्वेषा सैटेलाइट को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह उन्नत इमेजिंग क्षमताओं से लैस एक स्पाई (खुफिया) सैटेलाइट है, जिसका मकसद सटीक निगरानी और मैपिंग करना है। यह धरती से कई सौ किलोमीटर ऊपर होने के बावजूद झाड़ी, जंगलों या बंकरों में छिपे दुश्मनों की तस्वीरें खींच सकता है। 15 सैटेलाइट्स में 7 भारतीय और 8 विदेशी इस मिशन को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) अंजाम देने वाला है। NSIL, ISRO की कॉमर्शियल इकाई है। यह PSLV रॉकेट की कुल 64वीं उड़ान भी है। यह अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बनाने और उसके लॉन्च के लिए किया जा रहा 9वां कॉमर्शियल मिशन है। जिन 15 सैटेलाइट्स को लॉन्च किया जाएगा, उनमें 7 भारतीय और 8 विदेशी सैटेलाइट भी शामिल हैं। हैदराबाद स्थित ध्रुवा स्पेस इस लॉन्च के जरिए अपने 7 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेज रही है। 8 विदेशी सैटेलाइट्स में फ्रांस, नेपाल, ब्राजील और यूके के सैटेलाइट शामिल हैं। यह मिशन भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है। क्योंकि पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी ने PSLV मिशन में इतनी बड़ी हिस्सेदारी की है। PSLV दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च वाहनों में गिना जाता है। इसी रॉकेट से चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं। HRS तकनीक पर काम करता है अन्वेषा सैटेलाइट अन्वेषा सैटेलाइट, 'हाइपरस्पेक्ट्रल रिमोट सेंसिंग' यानी HRS तकनीक पर काम करता है, जो रोशनी के ज्यादा स्पेक्ट्रम को डिटेक्ट करता है। यानी ये कुछ ही रंगों के बजाय रोशनी के सैकड़ों बारीक रंग पकड़ सकता है। ये सैटेलाइट जो बारीक कलर डिटेक्ट करता है, उससे यह पता चल जाता है कि तस्वीर असल में किस चीज की है। यह एक ऐसे स्कैनर की तरह है, जो अलग-अलग तरह की मिट्टी, पौधे, इंसानी एक्टिविटी या किसी भी चीज को उसकी अलग चमक से पहचान सकता है। डिफेंस सेक्टर के लिए फायदेमंद... अब तक 6 देश HySIS सैटेलाइट लॉन्च कर चुके भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान, इटली और पाकिस्तान भी हाइपरस्पेक्ट्रल लॉन्च कर चुके हैं। भारत ने इससे पहले 29 नवंबर 2018 को अपनी पहली हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च की थी। HySIS नाम के इस सैटेलाइट का वजन 380 किलो था। हालांकि ये 55 स्पेक्ट्रल बैंड्स में रोशनी को डिटेक्ट कर सकता था। अन्वेषा, HySIS का अपग्रेडेड वर्जन है और इसकी हाइपरस्पेक्ट्रल क्षमता भी ज्यादा है। ये PSLV की 64वीं उड़ान PSLV अब तक 63 सफल उड़ानें पूरी कर चुका है। इसके जरिए चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) और आदित्य-L1 जैसे अहम मिशन लॉन्च किए जा चुके हैं। PSLV का पिछला मिशन PSLV-C61 था, जिसमें 18 मई 2025 को EOS-09 सैटेलाइट लॉन्च किया गया था। हालांकि तीसरे स्टेज में आई तकनीकी समस्या के कारण वह मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो सका। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें... इसरो ने 6100kg का अमेरिकी सैटेलाइट लॉन्च किया, भारत से भेजा गया यह सबसे भारी उपग्रह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने बुधवार सुबह LVM3-M6 रॉकेट से अमेरिकी सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 लॉन्च किया। 6,100 किलोग्राम वजनी ब्लूबर्ड​​​​​​, भारत से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है। पूरी खबर पढ़ें...
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