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    जीआरपी-सिपाही परिवार को नहीं देना चाह रहे थे सूचना:गोंडा में SP-GRP ने विभागीय जांच के आदेश दिए, नाइट ड्यूटी स्टाफ से मांगा जवाब

    15 hours ago

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    गोंडा जीआरपी में तैनात सिपाही आकाश सिंह के पैर कटने के मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर जीआरपी एसपी गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कराई है। मंगलवार देर रात ड्यूटी पर मौजूद जीआरपी थाने के सभी पुलिसकर्मियों से घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भाग रहे आरोपी सुनील को पकड़ने के लिए सिपाही आकाश सिंह अकेले ही दौड़ पड़े थे। घटना के बाद विभागीय जांच के आदेश से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब यह भी जांच का विषय बनाया गया है कि उस दौरान मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही। घटना के बाद भी नहीं हुए बेहोश जांच में यह बात भी सामने आई है कि हादसे के तुरंत बाद आकाश सिंह बेहोश नहीं हुए थे। वह प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर कुछ देर तक गंभीर हालत में पड़े रहे। इस दौरान वह अपने कटे हुए पैरों से ज्यादा अपने परिवार की चिंता करते रहे। बताया जा रहा है कि वह बार-बार साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से कह रहे थे कि उनके परिवार और पत्नी को घटना की जानकारी न दी जाए। पहले पत्नी, फिर परिवार को दी गई सूचना हालांकि, जीआरपी थाने के पुलिसकर्मियों ने बाद में हिम्मत जुटाकर सबसे पहले आकाश सिंह की पत्नी को घटना की सूचना दी। पत्नी उनके साथ ही रहती थीं। सूचना मिलते ही उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आकाश ड्यूटी के बाद वापस कमरे पर लौट आएंगे, लेकिन उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। SP GRP बोले- परिवार को बताना जरूरी था एसपी जीआरपी गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि घटना के बाद घायल सिपाही लगातार यही कह रहे थे कि परिवार को अभी सूचना न दी जाए, क्योंकि वे लोग परेशान हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले उनका इलाज सुनिश्चित कराया और साथ ही परिवार को भी सूचना देना जरूरी समझा। उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति में इलाज के साथ परिवार को जानकारी देना भी आवश्यक था। इसी वजह से सबसे पहले उनकी पत्नी को सूचना दी गई। 5 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर तड़पते रहे सिपाही घटना के बाद सिपाही आकाश सिंह प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर करीब 5 मिनट तक तड़पते रहे। बताया जा रहा है कि पास में खड़ा एक पुलिसकर्मी किसी को फोन कर रहा था, लेकिन तत्काल उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई। आमतौर पर इस तरह की घटनाओं में लोग तुरंत बेहोश हो जाते हैं, लेकिन आकाश सिंह होश में रहते हुए लगातार अपने परिवार और पैरों को लेकर चिंतित थे। कई बिंदुओं पर होगी जांच एसपी जीआरपी के मुताबिक, पूरे मामले की कई बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से मांगे गए स्पष्टीकरण के आधार पर यह तय किया जाएगा कि घटना के समय किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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