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    जौहर यूनिवर्सिटी-रामपुर जाएगा सपा डेलिगेट, रामपुर सांसद का नाम नहीं:23 जुलाई को डीएम से मिलेंगे, जानिए 15 विधायकों में कौन-कौन शामिल

    12 hours ago

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    रामपुर में आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा डेलीगेशन गुरुवार को रामपुर जाएगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में यह टीम डीएम से मिलेगी और कार्रवाई रोकने की मांग वाला ज्ञापन सौंपेगी। डेलीगेशन में 15 मौजूदा विधायक, रामपुर, मुरादाबाद और बरेली के जिलाध्यक्ष और कई पूर्व विधायक शामिल किए गए हैं। अखिलेश ने दिया ये निर्देश प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर यह प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजा जा रहा है। सपा का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाना शिक्षा के अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ है। पार्टी का दावा है कि यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों छात्र-छात्राएं कम फीस में पढ़ाई कर रहे हैं। अगर यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचा तो सबसे ज्यादा असर गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा। डेलीगेशन में कौन-कौन हैं? प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई माता प्रसाद पांडेय करेंगे। इसमें विधायक नसीर अहमद खान, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, अताउर रहमान, नवाब जान, हाजी नासिर कुरैशी, फहीम इरफान, शहजिल इस्लाम अंसारी, रफीक अंसारी, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, पिंकी सिंह, इकबाल महमूद, राम खिलाड़ी सिंह यादव समेत कई पूर्व विधायक और तीन जिलाध्यक्ष शामिल हैं। रामपुर के सांसद मोहिबुल्ला का नाम नहीं इस डेलीगेशन में रामपुर के सांसद मोहिबुल्ला नदवी को जगह नहीं दी गई है। पार्टी का कहना है कि संसद सत्र चलने की वजह से किसी भी सांसद को डेलीगेशन में शामिल नहीं किया गया। लेकिन, राजनीतिक गलियारों में इसे आजम खान और मोहिबुल्ला नदवी के बीच लंबे समय से चली आ रही नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आजम और मोहिबुल्ला के बीच क्यों है दूरी? 1. टिकट को लेकर नाराजगी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव सीतापुर जेल में आजम खान से मिलने पहुंचे थे। आजम चाहते थे कि रामपुर से अखिलेश खुद चुनाव लड़ें, लेकिन पार्टी ने मोहिबुल्ला नदवी को टिकट दे दिया। इससे आजम खान नाराज हो गए और अपने समर्थकों से चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की थी। 2. 'सुधार गृह' वाला बयान सांसद बनने के बाद एक इंटरव्यू में मोहिबुल्ला नदवी ने आजम खान के जेल में होने पर कहा था कि वह "जेल में नहीं, सुधार गृह में हैं।" आजम खान ने इसे अपने ऊपर तंज माना और बाद में कई बार इस पर नाराजगी जताई। 3. पहचानने से किया था इनकार सितंबर 2025 में जेल से रिहा होने के बाद जब पत्रकारों ने मोहिबुल्ला नदवी के बारे में पूछा तो आजम खान ने उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया। इसके जवाब में मोहिबुल्ला ने कहा था कि "आजम साहब बुजुर्ग हो गए हैं, इसलिए पहचानने में दिक्कत होती होगी।" उन्होंने मिलने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन आजम ने मुलाकात नहीं की। 4. रामपुर जाने से भी रोक दिया था जेल से रिहा होने के बाद जब अखिलेश यादव आजम खान से मिलने रामपुर जा रहे थे, तब मोहिबुल्ला नदवी भी उनके साथ थे। बताया जाता है कि आजम खान ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद मोहिबुल्ला बरेली तक ही गए और वहीं रुक गए, जबकि अखिलेश यादव अकेले रामपुर पहुंचकर आजम खान से मिले। ----------------------- ये भी पढें- कॉकरोच पार्टी समर्थकों की पिटाई पर संसद में हंगामा:अखिलेश बोले- बेटियों के कपड़े फाड़े, ये अधिकार किसने दिया; काले कपड़े पहनकर पहुंचे विपक्षी सांसद संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया? पढ़िए पूरी खबर…
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