Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जौनपुर के शुभम सिंह को UPSC में 378वीं रैंक:5वें प्रयास में मिली सफलता, IIT धनबाद से की इंजीनियरिंग

    17 hours ago

    1

    0

    जौनपुर के सिकरारा क्षेत्र के शेरवा धोबहा गांव निवासी शुभम सिंह चंदेल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 378वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान प्राप्त किया है। शुभम की सफलता से उनके माता-पिता और पूरे जनपद का नाम रोशन हुआ है। शुभम दीनानाथ सिंह 'छेदी' के पुत्र हैं। एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद, उनके पिता ने हमेशा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। शुभम ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है, जो उनकी धैर्यशीलता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। शुरुआती असफलताओं से विचलित हुए बिना, शुभम ने अपनी कमियों पर काम किया और अंततः भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने की ओर कदम बढ़ाए। शुभम की शैक्षणिक पृष्ठभूमि मजबूत रही है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। तकनीकी शिक्षा के बाद, उन्होंने समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से सिविल सेवा को चुना। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में रहकर कई वर्षों तक कड़ी तपस्या की, जिसका सुखद परिणाम अब सामने है। परिणाम घोषित होते ही परिवार में खुशी का माहौल छा गया। शुभम की मां शकुंतला सिंह ने बताया, पिता का सपना और बेटे का संघर्ष रंग लाया है। उन्होंने बताया कि जब शुभम का फोन आया और उसने पास होने की सूचना दी, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। मां के अनुसार, शुभम शुरू से ही मेहनती और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा है। शुभम की बहन सोना सिंह ने बताया कि सुन कर बहुत खुशी हुई है। शुरू से शुभम पढ़ने में तेज था।शुभम ने साबित कर दिया कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी देश के सर्वोच्च शिखर तक पहुँचा जा सकता है।शुभम की इस सफलता के पीछे उनकी रणनीति और निरंतरता का बड़ा हाथ रहा है। हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा सेंट पैट्रिक्स से उत्तीर्ण किया। आईआईटी की शिक्षा ने उनके सोचने और विश्लेषण करने के नजरिए को धार दी। शुभम की यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के उन तमाम युवाओं के लिए एक मिशाल है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    शामली में आस्था जैन के बधाई देने वालों की भीड़:आईपीएस ट्रेनिंग के दौरान UPSC पास का पाई 9वीं रैंक
    Next Article
    मैनपुरी में होली पर भाइयों में मारपीट:रास्ते को लेकर विवाद, लाठी-डंडे चले; शिकायत दर्ज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment