Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जौनपुर में 28वीं सालाना मजलिस व जुलूस संपन्न:शिया पंजतनी कमेटी ने कदम रसूल इमामबाड़े में किया आयोजन

    11 hours ago

    1

    0

    जौनपुर में भंडारी स्टेशन के समीप स्थित जमीने मुबारक कदम रसूल छोटी लाइन इमामबारगाह में शिया पंजतनी कमेटी द्वारा 28वें सालाना ऑल इंडिया मजलिसे अजा व जुलूस का आयोजन किया गया। हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से उलेमा और अकीदतमंद शामिल हुए। मजलिस को संबोधित करते हुए मुजफ्फरनगर से आए मौलाना सैय्यद अजादार हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की कर्बला के मैदान में दी गई कुर्बानी हमेशा याद रखी जाएगी। यह कुर्बानी इंसानियत को त्याग और बलिदान का पाठ पढ़ाती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया के किसी भी धर्म के इतिहास में ऐसी अद्वितीय कुर्बानी का उदाहरण नहीं मिलता। मौलाना इब्ने हसन ज़ैदी और दिल्ली से आए मौलाना सैय्यद नामदार हुसैन ने कर्बला में बुजुर्गों, जवानों और बच्चों पर हुए अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दास्तान इतनी बर्बरतापूर्ण है कि इसे सुनकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आंखें नम हो जाएंगी। अम्बेडकरनगर के मौलाना बाक़र मेंहदी ने इमाम हुसैन (अ.स.) के अनुयायियों से उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और दिलों को रोशन करने का आह्वान किया। मजलिस का आगाज़ कारी फ़ज़ल आज़मी द्वारा तिलावते कलाम-ए-पाक से हुआ। सैय्यद गौहर अली ज़ैदी व हमनवां ने सोजख्वानी पेश की। डॉ. शोहरत, हसन फतेहपुरी, वसी जौनपुरी, आबाद, खुमैनी आफाकी, डॉ. मोहम्मद मेंहदी आज़ाद और मेहंदी जौनपुरी ने अपने कलाम पेश कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अलविदाई मजलिस मौलाना सैय्यद अजादार हुसैन ने पढ़ी, जिसमें उन्होंने हजरत मोहम्मद साहब और उनके नवासे द्वारा धर्म की रक्षा के लिए अपना लहू बहाने और सर कटाने से भी पीछे न हटने के ऐतिहासिक बलिदान पर प्रकाश डाला। मजलिस के समापन के बाद शबीहे ताबूत, अलम मुबारक और जुलजनाह का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में अंजुमन शमशीरे हैदरी ने नौहाख्वानी और मातम करते हुए 'या हुसैन' की सदा बुलंद की। जुलूस अपने पारंपरिक रास्ते से होता हुआ इमामबारगाह कदम रसूल में जाकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में कमेटी की ओर से शाहिद मेहदी, नेहाल हैदर, कैफ़ी रिज़वी, ऐजाज हुसैन, रूमी आब्दी, नियाज़ हुसैन, रियाज़ मोहसिन और हसनैन क़मर दीपू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कार सवारों ने डंपर चालक-परिचालक को किडनैप किया:कानपुर हाईवे पर वाहनों के टकराने के बाद विवाद हुआ, पुलिस के पीछा करने पर छोड़ा
    Next Article
    बाराबंकी में वकीलों ने एसपी ऑफिस घेरा:शोएब किदवई हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment