Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जीत से महज 80 KM दूर अंसारुल्लाह, लश्कर देख सऊदी की अटकी सांस

    12 hours ago

    1

    0

    इधर ट्रंप ईरान को धमकाते रह गए। उधर यमन के ईरान हिमायती अंसारउल्लाह अपनी अलग ही चाल चले जा रहे हैं और कदम कदम पर सऊदी अरब बैक्ड फोर्सेस को शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट बता रही है कि यमन के हूती लड़ाके प्रो सऊदी हुकूमत की राजधानी अदन से सिर्फ 80 किमी दूर रह गए हैं और हर घंटे यह दूरी और भी कम हो रही है। गौरतलब है कि साल 2015 में जब से अंसारउरुल्लाह ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल हासिल किया है और वहां से अपनी सरकार चला रहे हैं तब से सऊदी हिमायती हुकूमत के हेड क्वार्टर को अदन ट्रांसफर कर दिया गया था। अब हूतियों की इस ताजा बढ़त से सऊदी अरब की हिमायत वाली यमन की सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। न्यूज़ एजेंसी राइटर्स फौजी जराय के हवाले से दावा कर रही है कि हूती अदन के 80 किमी के दायरे तक पहुंच गए हैं।इसे भी पढ़ें: Erdogan ने की Donald Trump से बात, Strait of Hormuz और यमन संकट पर कूटनीति पर दिया जोरसाल 2015 के बाद से हूती अदन के इतने करीब कभी नहीं पहुंचे थे। हालांकि उस वक्त भी जब जंग हुई थी तो हूतियों के लश्कर के कुछ लड़ाके अदन तक पहुंचने में कामयाब रहे थे। लेकिन बाद में प्रो सऊदी फोर्सेस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया था। देखा जाए तो हूतियों ने यमन करीब-करीब फतह कर लिया है। आसमान से सऊदी बमबारी के बीच यह जीत किसी चमत्कार से कम नहीं है। अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में ही यमन में ताई शहर पर कब्जे को लेकर सऊदी बैक्ट फोर्सेस और हौसी मलेशिया के बीच बड़ी और लंबी लड़ाई हुई थी। लड़ाई के दौरान सऊदी ने 24 घंटे में 106 एयर स्ट्राइक हूती फाइटर्स की स्ट्रेटेजिक लोकेशन और सिविलियन इलाकों पर की थी। लेकिन बावजूद इसके अंसारुल्लाह यानी हूती लड़ाकों ने ताज़ पर कब्जा कर ही लिया था और अदन से जोड़ने वाली अहम सप्लाई रोड काट दी थी। साइज पर होतीय या अंसारुल्लाह की बढ़त सऊदी बैक्ड फोर्सेस के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हुई है क्योंकि इसकी वजह से ही वो अदन के करीब पहुंच गए हैं। क्योंकि ताइज़ साउथ वेस्ट यमन का स्ट्रेटेजिक गेटवे है। 27 की ऊंचाइयों से अदन की तरफ जाने वाले अहम रास्तों और सप्लाई रूट पर हौसियों का कब्जा होना बहुत बड़ी बात थी और अब करीब 25 दिन बाद वो ताइ से अदन की तरफ महज 80 किमी पीछे हैं।इसे भी पढ़ें: फिर फोड़ने लगे हूती, एयरपोर्ट से सैन्य ठिकानों तक सऊदी धुआं-धुआंताइज़ पर पकड़ मजबूत होने का मतलब ही यह था कि अदन और साउथ में मौजूद सऊदी बैक्ड फोर्सेस की कनेक्टिविटी पर सीधा असर। इसके अलावा ताइज़ गवर्नेंट का रिश्ता मोखा और लाल सागर के तट से है। इसलिए इसकी अहमियत सिर्फ जमीनी लड़ाई तक महदूद नहीं थी। ताज़ और अदन की पहाड़ियों पर बरसों से लड़ाई की ट्रेनिंग लिए बैठे सऊदी हामी गुटों के हमले आसमान से सऊदी एयरफोर्स के हमलों के बीच जमीन पर आगे बढ़ते हौसी लड़ाकों ने सऊदी बैक्ड लड़ाकों को पीछे हटने पर आखिर मजबूर कर दिया है और ताईज़ के बाद अदन से 80 किमी पीछे खड़े हुए हैं। ताईज़ से अदन को जोड़ने वाली ताईज़ अदन रोड के एक चौराहे पर हूती लड़ाकों का कब्ज़ा है और उनकी गाड़ियां दौड़ रही हैं। हालांकि सऊदी के समर्थन वाला गठबंधन भी हूती ठिकानों पर जबरदस्त हमले कर रहा है। सऊदी अरब के लड़ाकू विमान यमन में हूं के कंट्रोल वाले इलाकों में बमबारी कर रहे हैं। जवाब में हूतियों ने भी सऊदी के खिलाफ हमले तेज किए हैं।  
    Click here to Read more
    Prev Article
    बड़ी बढ़त...अब्दुल ने अमेरिका में कर दिया खेल! ट्रंप की कुर्सी पर संकट? क्या है इसका भारतीय कनेक्शन
    Next Article
    दोस्त की हत्या के बाद 20 दिन तक सो नहीं पाया आरोपी, सपने में आता रहा मृतक; खुद थाने पहुंचकर कबूला जुर्म

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment